मुंबई। मशहूर अभिनेत्री रानी मुखर्जी को मुंबई के प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित 62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रतिष्ठित राज कपूर स्पेशल कॉन्ट्रिब्यूशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने रानी मुखर्जी को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के माननीय सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, महाराष्ट्र सरकार के प्रतिष्ठित सदस्य, गणमान्य अतिथि और फिल्म जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं। यह सम्मान रानी मुखर्जी के लिए बेहद व्यक्तिगत महत्व रखता है। मुंबई में जन्मीं और पली-बढ़ीं रानी ने भारतीय सिनेमा में अपने करीब तीन दशक लंबे करियर का सफर इसी शहर से शुरू किया और आगे बढ़ाया है। दिग्गज फिल्मकार और अभिनेता राज कपूर के नाम पर दिए जाने वाले इस सम्मान को प्राप्त करने पर रानी ने कहा, “मेरे लिए महाराष्ट्र सिर्फ एक राज्य नहीं है। महाराष्ट्र मेरी जन्मभूमि है। मेरी कर्मभूमि है। और मेरे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है।”
इस सम्मान को खास बनाने वाली बात पर आगे बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यही बात इस पल को मेरे लिए वास्तव में खास बनाती है, क्योंकि यह सम्मान मुझे मेरे अपने लोगों और उस जगह से मिल रहा है, जिससे मैं जुड़ी हुई हूं। भारतीय सिनेमा के दिग्गज राज कपूर जी के नाम पर दिया जाने वाला पुरस्कार अपने आप में मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला सम्मान है। मैं वास्तव में उम्मीद करती हूं कि मैं इस सम्मान पर खरी उतर सकूं।”
रानी ने मुंबई के साथ अपने गहरे रिश्ते के बारे में भी बात की-उस शहर के बारे में, जिसने पर्दे पर और पर्दे के पीछे उनके सफर को करीब से देखा है। उन्होंने कहा, “मुंबई ने मुझे मेरी पहचान दी है। इसने मुझे दर्शक दिए हैं। इसने मुझे करियर दिया है। और यह मेरा घर, मेरी सुरक्षित जगह, मेरा सब कुछ रहा है। इसलिए यह पुरस्कार मेरे दिल में एक बेहद खास जगह रखेगा, क्योंकि जब भी मैं इसे देखूंगी, तो मुझे सिर्फ एक पुरस्कार नजर नहीं आएगा। मुझे अपना मुंबई, अपना महाराष्ट्र नजर आएगा।”
ब्लैक, नो वन किल्ड जेसिका, हिचकी, मर्दानी फ्रेंचाइज़ी और मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे जैसी फिल्मों के जरिए मजबूत, जटिल और संघर्षशील महिलाओं का किरदार निभाने के लिए पहचानी जाने वाली रानी हमेशा ऐसी कहानियों और किरदारों की ओर आकर्षित रही हैं, जो उनके दिल को छूते हैं। सिनेमा को लेकर अपने दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा चुपचाप ऐसी फिल्मों के जरिए भारत की मजबूत लड़कियों और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है, जिनका दिल सही जगह पर हो।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने ऐसे किरदार चुने जो मुझे सच्चे लगे, जिनकी कहानी, उनका सफर और उनका संघर्ष मुझे स्वाभाविक रूप से अपनी ओर खींचता था। ऐसे किरदार जिनमें साहस था। जिनमें कमियां थीं। ऐसे किरदार जो पृष्ठभूमि में खो जाने से इनकार करते थे। ऐसी महिलाएं जो किसी और के उन्हें बचाने का इंतजार नहीं कर रही थीं।”
रानी के लिए सिनेमा हमेशा सिर्फ एक पेशा नहीं रहा है। महाराष्ट्र में फिल्म इंडस्ट्री की व्यापक भूमिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने सिनेमा को कभी सिर्फ एक पेशे के तौर पर नहीं देखा। मेरे लिए सिनेमा एक गहरा इमोशन है। और महाराष्ट्र उस इमोशन का घर है।” उन्होंने महाराष्ट्र को देश और दुनिया के सबसे प्रभावशाली फिल्म केंद्रों में से एक बनाने वाले हजारों कलाकारों, तकनीशियनों, फिल्मकारों और कहानीकारों के योगदान को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “यहां हजारों-हजारों लोग हैं, जो हर सुबह एक ही सपने के साथ उठते हैं-एक कहानी कहने का सपना। और ये कहानियां सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहतीं। वे मुंबई से महाराष्ट्र, महाराष्ट्र से भारत और भारत से पूरी दुनिया तक पहुंचती हैं। यही इस राज्य में फलने-फूलने वाली फिल्म इंडस्ट्री का जादू और ताकत है।” रानी ने यह सम्मान महाराष्ट्र और यहां के लोगों को समर्पित करते हुए कहा, “दिल से आभार के साथ मैं यह पुरस्कार महाराष्ट्र को समर्पित करती हूं। यहां के लोगों को। यहां के कलाकारों को। यहां के तकनीशियनों को। यहां के फिल्मकारों को। पूरी फिल्म बिरादरी को, जो इस खूबसूरत राज्य को अपना घर कहती है। और उन कहानीकारों की पीढ़ियों को, जो हमसे पहले आईं और जिन्होंने मेरे जैसी लड़की के लिए सपने देखना संभव बनाया।”राज कपूर स्पेशल कॉन्ट्रिब्यूशन अवॉर्ड रानी मुखर्जी के भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान और मुंबई तथा महाराष्ट्र के साथ उनके लंबे और गहरे जुड़ाव को सम्मानित करता है। महाराष्ट्र वह राज्य है, जो पीढ़ियों से भारत की सिनेमाई यात्रा के केंद्र में रहा है।
“सिनेमा मेरे लिए एक गहरा इमोशन है और महाराष्ट्र उस इमोशन का घर है”: राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार मिलने पर रानी मुखर्जी

