विकास धाकड़/मुंबई। साध्वी श्री राकेश कुमारी जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में दीक्षार्थी बाबूलाल जी बाफना के मंगल भावना समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री जी द्वारा नवकार मंत्र से हुआ। दीक्षार्थी बाबूलाल जी बाफना की दीक्षा गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा 20 सितंबर 2026 को लाडनूं में फरमाई गई है।
दीक्षार्थी बाबूलाल जी बाफना ने अपने वक्तव्य में अपने वैराग्य भाव तथा गुरुदेव द्वारा प्राप्त दीक्षा के आदेश के संदर्भ में संक्षिप्त रूप से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने सभी को लाडनूं में आयोजित होने वाले दीक्षा समारोह में पधारने का निमंत्रण देते हुए आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि “पुरुषार्थ ही सफलता की मंजिल है और संकल्प के साथ आत्मविश्वास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दीक्षा जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह केवल वेश परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन का सही रूपांतरण है।
साध्वी श्री जी ने दीक्षार्थी बाबूलाल जी बाफना के प्रति मंगलभावना व्यक्त करते हुए उनके आत्मकल्याण एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विलेपार्ले के अध्यक्ष महेंद्र जी बड़ाला, महिला मंडल अध्यक्षा कुसुम जी कोठारी, अनिल जी बाफना, कल्पेश जी वडाला एवं रेखा जी कोठारी ने अपने भावों की अभिव्यक्ति करते हुए दीक्षार्थी को मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। वडाला परिवार की महिलाओं द्वारा भावपूर्ण गीतिका के माध्यम से दीक्षार्थी की अनुमोदना की गई।
विलेपार्ले में साध्वी श्री राकेश कुमारीजी आदि साध्वी वृंद के पावन सानिध्य में दीक्षार्थी बाबूलालजी बापना के मंगल भावना समारोह का आयोजन

