गोरेगांव {मुंबई} विकास धाकड़। तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित प्रेक्षा वाहिनी कार्यशाला गोरेगाँव सभा भवन में रखी गई। प्रेक्षाध्यान मुख्य प्रशिक्षक के रूप में श्रीमती सरोज जी चंडालिया की उपस्थिति रही। गुरु वंदन त्रिपति वंदना के साथ प्रेक्षावाहिनी क्लास का शुभारंभ हुआ।
श्रीमती पिस्ता जी मादरेचा ने प्रेक्षा गीत का मधुर संगान और मंगल भावना का उच्चारण किया। श्रीमती सरोज जी चंडालिया ने प्रेक्षा वाहिनी का उद्देश्य क्या है? और प्रेक्षा वाहिनी क्यों और किसके तत्वावधान में चलती हैं, इसके बारे में जानकारी दी। श्रीमती सरोज जी चंडालिया ने प्रेक्षाध्यान कब प्रारंभ हुआ और उससे क्या फायदे होते हैं, उसके बारे में विस्तारपूर्वक बताया और तेरह चेतन्य केंद्र और उसकी ग्रंथियों के बारे में बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी।
सरोज जी ने समताल श्वास प्रेक्षा की प्रक्रिया, उसका अर्थ और उसके बारे में विस्तारपूर्वक समझाया एवं समताल श्वास प्रेक्षा का सुंदर प्रयोग करवाया। बहिनों को वज्रासन ,वज्रासन से होनेवाले लाभ और भस्त्रिका प्राणायाम और उसके लाभ भी बताऐ गऐ । अंत में सभी बहनों को मोबाइल में प्रेक्षा मेडिटेशन का एप डाउनलोड करने और उससे जुडने के लिए कहा गया और लाडनू में होनेवाले शिविरों के बारे में जानकारी दी गई। प्रेक्षावाहिनी सेशन मे* मधु बोहरा ,मंजू हिरण, कांता सिसोदिया, मंजू सिंघवी, अंजू चंडालिया, मधु चंडालिया, सरोज तलेसरा पिस्ता मादरेचा, आशा आचलिया, संगीता लूनिया,प्रिती बैध,पायल बैध आदि तेरह बहनों की सराहनीय उपस्थिति ने प्रोग्राम को सफल बनाया ।
तेंरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित प्रेक्षा वाहिनी कार्यशाला का सुंदर आयोजन

