मुंबई। जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा मुंबई का वार्षिक अधिवेशन सभा अध्यक्ष माणक धींग की अध्यक्षता में तेरापंथ भवन कांदिवली में उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। आगामी अध्यक्ष पद की बागडोर सुरेंद्र कुमार कोठारी को सौंपी गई l कार्यक्रम का शुभारंभ शासन श्री साध्वी श्री विद्यावती द्वितीय, साध्वी श्री प्रियंवदा जी, साध्वी श्री प्रेरणा श्री जी, साध्वी श्री मृदुयशा जी साध्वी श्री रिद्धि प्रभा जी के मंगल आशीर्वाद एवं नमस्कार महा मंत्र से शुभारंभ हुआ। तेरापंथ महिला मंडल कांदिवली ने मंगलाचरण किया।
तेरापंथी सभा मुंबई अध्यक्ष माणक धींग ने स्वागत करते हुए समाज बंधुओ द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। नवीन सभा कार्यालय एवं चित्त समाधि केंद्र, ज्ञानशाला, उपासक श्रेणी, चारित्रआत्माओं की चिकित्सा सेवा, विहार सेवा, मुंबई क्षेत्रीय भवन निर्माण योजना, अनेक संघीय आयोजन एवं सूरत अहमदाबाद की गुरु दर्शन यात्रा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। गुरुदेव एवं साधु साध्वियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। धींग ने अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना की। मंत्री दिनेश कुमार सुतरीया ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए गत मिनिट्स का वाचन किया। कोषाध्यक्ष कमलेश चौधरी ने आय-व्यय पेश किया। ऑडिटर के रूप में कैलाश बाफना की नियुक्ति की गई।
साध्वी श्री प्रियंवदा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि दुनिया में कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो बोलते ज्यादा, काम कम करते हैं, कुछ ऐसे भी होते हैं जो कम बोलते हैं काम ज्यादा करते हैं l काम वही व्यक्ति कर सकता है जो उत्साही हो श्रमशील हो। आस्था शील हो तथा कार्य करने में निपुण हो। साध्वी श्री ने आगे फरमाया कि समाज में पद प्राप्त करना कोई विशेष बात नहीं है, वैशिष्ट्य उसमें है कि प्राप्त जिम्मेदारी का सम्यकतया निर्वहन करना। गंभीरता, मृदुभाषिता , मिलसरिता व्यवहार कुशलता का इन सारी कसोटियों पर खरा उतरने वाला सफल अध्यक्ष अथवा कार्यकर्ता कहलाता है। मुंबई तेरापंथ सभा के अध्यक्ष माणक धींग मंत्री दिनेश सुतरिया और उनकी पूरी टीम भविष्य में धर्म संघ की प्रभावना में महत्वपूर्ण योगदान देती रहे l मुंबई महानगर के नव मनोनीत अध्यक्ष सुरेंद्र जी कोठारी अपनी चिंताकृषक कार्यशैली के साथ-साथ तेरापंथ धर्म संघ की प्रभावना बढ़ाने में अपनी पूरी टीम के साथ श्रम एवं समय का नियोजन करते रहें।
इस अवसर पर अखिल भारतीय तेरापंथ योग परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भालावत, समाज के वरिष्ठ पूर्व अध्यक्ष भंवर लाल कर्णावट, विनोद कुमार कच्छारा, नरेंद्र कुमार तातेड, नवरत्न गन्ना, श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़, पूर्व अध्यक्ष भिकमचंद नाहटा, केएल परमार, अर्जुन लाल चौधरी, सुरेंद्र कुमार कोठारी, विनोद कुमार बोहरा ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष संपत लाल मादरेचा, मंत्री जगदीश परमार, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के राष्ट्रीय महामंत्री मनीष कोठारी, भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्याली लाल तातेड , महामंत्री बाबूलाल बापना, युवा अध्यक्ष भूपेश कोठारी, प्रेमलता सिसोदिया, राजश्री कच्छारा ने शुभकामनाएं प्रदान की । संचालन एवं आभार मंत्री दिनेश सुतरिया ने किया।
द्वितीय चरण में रमेश सुतारिया, दीपक डागलिया, सुरेश ओस्तवाल, विष्णु बाफना, दलपत बाबेल, प्रकाश बोहरा, बाबूलाल समदरिया, सुनील इंटोदिया, गणपत डागलिया, चंद्र प्रकाश मादरेचा, नीतेश धाकड़, सुरेश राठौड़, मनोहर गोखरू, प्रकाश धींग ने विचार रखे।
इस अवसर पर बीसी जैन, लादू लाल श्रीश्रीमाल, जुगराज बोहरा, राजकुमार, अरविंद धाकड़, नरेंद्र सिंघवी, संदीप कोठारी, रिंकू बाफना, देवेंद्र कोठारी, राजेश कोठारी, भगवती लाल धाकड़, गणपत मादरेचा, अशोक धाकड, ख्याली लाल मादरेचा, नीतेश धाकड़, सुरेश राठौड़, विष्णु बापना, देवेंद्र डागलिया, अशोक कोठारी, प्रवीण चपलोत, गिरीश सिसोदिया, सुखलाल कच्छारा, ललित समदड़िया, भंवरलाल बाफना , मीठालाल धाकड़, प्रकाश धींग, भेरूलाल ओस्तवाल, बाबूलाल समदरिया, रतन लाल लोढा, उषा धींग. अंजु कोठारी, श्वेता सुराणा, रवि धींग, ममता कोठारी, विभा श्रीश्रीमाल, मोनल कोठारी, पारस दुग्गड़, इंद्रमल कच्छारा, गणेश लाल कोठारी, हस्ती भंडारी, प्रकाश धाकड़ आदि लोगों की उपस्थिति रही। आयोजन में सतीश मेहता, प्यार चंद मेहता, दिनेश सुतरिया, उमेद कोठारी, कमलेश चौधरी, जवरी मल नौलखा, दलपत बाबेल, भेरूलाल चपलोत का सक्रिय सहयोग रहा।
अंतिम चरण में मुख्य चुनाव अधिकारी के एल परमार, सहायक चुनाव अधिकारी बाबूलाल बापना के दिशा निर्देशन में आगामी अध्यक्ष पद के लिए श्री सुरेंद्र कुमार कोठारी को निर्विरोध अध्यक्ष पद की बागडोर सौपी गई।
नवमनोनीत अध्यक्ष सुरेंद्र कोठारी ने अपने संबोधन में कहा कि तेरापंथ सभा मुंबई के अध्यक्ष पद पर सर्व सम्मति से चयन होना मेरे लिए अत्यंत गौरव और जिम्मेदारी का क्षण है । आपका यह सहयोग और समर्थन मुझे समाज सेवा के लिए निरंतर प्रेरणा देता रहेगा। मुंबई जैसी ऊर्जावान और विविधताओं से भरी नगरी में हमारी सभा एक संगठन नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। समाज के प्रति निष्ठा एवं गुरुदेव के प्रति श्रद्धा का प्रतिफल है कि अतीत में जो भी जिम्मेदारी मिली है, मैंने उसे बखूबी निभाया है। पारदर्शिता सहभागीता एवं गुरु इंगित की आराधना करना मेरा परम लक्ष्य रहेगाi
तेरापंथ धर्म संघ की गौरवशाली परंपराओं मर्यादाओं को आगे बढ़ाने के लिए गुरु इंगित की आराधना करते हुए समाज के कार्य संपादित करने हैं जिसमें उपासक श्रेणी, ज्ञानशाला ,संस्कार निर्माण शिविर, बिजनेस नेटवर्क, पारिवारिक सार संभाल,शिक्षा चिकित्सा में सहयोग अन्य संघीय कार्यक्रम एवं पत्र पत्रिकाओं के बारे में चिंतन मनन एवं हमें सभी संघीय संस्थाओं के साथ समन्वय रखकर कार्य करना है l
आचार्य श्री महाश्रमण जी के केलवा एवं मुंबई चातुर्मास में श्री कोठारी महामंत्री के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
तेरापंथी सभा मुंबई का अधिवेशन संपन्न, सुरेंद्र कोठारी निर्विरोध निर्वाचित हुए अध्यक्ष

