नयी दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लखीमपुर खीरी के छात्र ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
श्री गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा , “अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा.. ये ऋतिक मिश्रा के आखिरी शब्द थे। तीसरी बार नीट की तैयारी कर रहे 21 वर्षीय छात्र परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक रूप से टूट गए। गोवा में भी एक अन्य नीट अभ्यर्थी ने आत्महत्या की है। ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है। यह आत्महत्या नहीं, सिस्टम द्वारा हत्या है।” उन्होंने परीक्षा घोटालों के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2015 से 2026 के बीच 148 परीक्षा घोटाले सामने आए, जिनमें 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और करीब 09 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े घोटालों के बावजूद केवल एक मामले में सजा हुई है। कि सीबीआई और ईडी की जांच के बाद भी किसी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने नीट, एआईपीएमटी और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में 15 घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी अधिकारी या मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा, “मोदी जी, कितने ऋतिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए?” उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके भविष्य की लड़ाई लड़ती रहेगी।
सुश्री वाड्रा ने लखीमपुर खीरी के छात्र ऋतिक मिश्रा की मौत को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के अनुसार नीट परीक्षा रद्द होने के कारण छात्र मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में बढ़ता भ्रष्टाचार युवाओं की जान ले रहा है और हर साल लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि “यह सिलसिला कब रुकेगा और जवाबदेही कब तय होगी?”
“अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा।”
लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आख़िरी शब्द थे। तीसरी बार NEET देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया।
गोवा में भी एक NEET अभ्यर्थी ने जान दे दी।
ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है।
यह…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 15, 2026

