हर सुपरहीरो के पास केप नहीं होती। कुछ आम लोग होते हैं जो असाधारण परिस्थितियों में एकजुट होकर खड़े हो जाते हैं। एक महत्वपूर्ण घोषणा में, भारत भाग्य विधाता के निर्माताओं ने फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज़ डेट 12 जून 2026 तय कर दी है। इसके साथ ही एक प्रभावशाली पोस्टर भी जारी किया गया है, जो उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने शहर पर हमले के दौरान डर के बजाय अपने कर्तव्य को चुना। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह थ्रिलर फिल्म हथियारों और हिंसा से ध्यान हटाकर इंसानियत और दृढ़ संकल्प पर केंद्रित है, खासकर सरकारी अस्पतालों के भीतर, जहां आम लोगों ने असाधारण साहस दिखाया। जहां बाहर आतंक ने कई जिंदगियां छीन लीं, वहीं अंदर कामा अस्पताल में 400 लोगों की जान बचाई गई। वह एक ऐसी रात थी जब इंसानियत डर से बड़ी साबित हुई और जिम्मेदारी ही साहस बन गई।
आतंक की उस भयावह रात की पृष्ठभूमि में, भारत भाग्य विधाता अस्पताल के गलियारों और वार्ड्स में घटित घटनाओं को दिखाती है—जहां हर पल दबाव था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने सूझबूझ, करुणा और सामूहिक साहस के साथ हालात का सामना किया। यह फिल्म अस्पताल के कर्मचारियों—नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक स्टाफ—की असाधारण सच्ची कहानी को दर्शाती है, जिन्होंने हथियारबंद खतरे के सामने भी डटकर अपने कर्तव्य का पालन किया। जब पूरा शहर आतंक की चपेट में था, तब इन लोगों ने न केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई बल्कि यह सुनिश्चित किया कि इंसानियत और भारत की भावना विजयी हो।
यह उन अनसुने नायकों की कहानी है, जिन्होंने अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारियों को त्याग में बदला और उस त्याग को देश की सेवा बना दिया। फिल्म के बारे में कंगना रनौत ने कहा,“हम अक्सर दिखावटी वीरता का जश्न मनाते हैं, लेकिन असली साहस शांत होता है—वह सामने आता है, ठहरता है और जिम्मेदारी निभाता है। भारत भाग्य विधाता एक अनकही कहानी है साहस, त्याग, इंसानियत और एकता की—उन आम लोगों की, जो आतंक और जीवन के बीच खड़े हो गए। यह देशभक्ति का सबसे शुद्ध रूप है। मैं इस कहानी का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हूं और 12 जून को इसे बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने लाने के लिए उत्साहित हूं।”
डॉ. जयंतीलाल गडा ने कहा, “पेन स्टूडियोज में हमारा मानना है कि भारत की असली ताकत उसके लोग हैं, जो चुपचाप और निरंतर काम करते हैं। भारत भाग्य विधाता उन मेहनतकश लोगों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने डर से ऊपर उठकर लोगों की जान बचाई। कंगना रनौत ने इस कहानी में गहराई और सच्चाई जोड़ी है, और हमें गर्व है कि हम इस सशक्त कहानी को 12 जून को सिनेमाघरों में ला रहे हैं।”
निलेखक-निर्देशक मनोज टपाड़िया ने कहा, “12 जून को दर्शक एक ऐसा थ्रिलर देखेंगे जो तनाव से भरा, भावनात्मक और गहराई से इंसानी होगा। लेकिन इसकी असली कहानी सिर्फ आतंक के बारे में नहीं है—यह कहानी है उस साहस की जो डर पर जीत हासिल करता है, उस करुणा की जो अफरा-तफरी के बीच भी ज़िंदा रहती है, और उस बलिदान की जो खतरे के सामने दिया जाता है।
यह फिल्म आम लोगों की कहानी है—खासकर महिलाओं की—जिन्होंने सही समय पर जीवन और मृत्यु के बीच बड़े फैसले लिए। मेरे लिए यह फिल्म उन गुमनाम नायकों को समर्पित है, जो हमें याद दिलाते हैं कि असली बहादुरी अक्सर वहीं से आती है, जहां हम सबसे कम उम्मीद करते हैं।” डॉ. जयंतीलाल गडा (पेन स्टूडियोज) द्वारा प्रस्तुत, भारत भाग्य विधाता का निर्माण पेन स्टूडियोज, मणिकर्णिका फिल्म्स और परमांश क्रिएशंस ने किया है, तथा यूनोइया फिल्म्स एलएलपी और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से बनाई गई है।
फिल्म का लेखन और निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है, जबकि वितरण पेन मरुधर द्वारा किया जाएगा। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। कंगना रनौत के साथ इस फिल्म में गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान भी नजर आएंगे।
कंगना रनौत की फिल्म “भारत भाग्य विधाता” 12 जून को होगी रिलीज़

