नयी दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता और राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आदर्श चुनाव आचार संहिता के ‘गंभीर उल्लंघन’ का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले की तुरंत जांच करने की मांग की है। श्री विश्वम ने 19 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में तर्क दिया कि पांच राज्यों में चल रहे चुनावों के बीच राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री का हालिया संबोधन ‘राजनीतिक’ था। उन्होंने कहा कि इस भाषण में एकतरफा बातें की गईं और जनता की राय को प्रभावित करने की सीधी कोशिश की गई। यह तब किया गया जब देश के पांच राज्यों में चुनावी प्रक्रिया चल जारी है।
उल्लेखनीय है कि महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने के एक दिन बाद शनिवार रात श्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कांग्रेस , समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस तथा द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) का नाम लेकर देश की माताओं, बहनों और बेटियों के सपनों को बेरहमी से कुचलने का आरोप लगाया था। मोदी ने विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण रोकने के लिए षडयंत्र रचने का अरोप लगाया है।
लोकसभा में मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक को पारित नहीं होने देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से विपक्ष पर लगाये गये आरोप को गलत बताया है और कहा है कि उन्होंने असत्य बोलकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने श्री मोदी द्वारा शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में संविधान (131वें संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा में पारित नहीं होने पर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री का प्रयास हमारे लोकतंत्र और संघवाद को कमजोर करने और संविधान पर ठीक वैसा ही हमला था जिसकी आशंका खुद प्रधानमंत्री ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले ‘400 पार’ के आह्वान के समय जताई थी।”
PM नरेन्द्र मोदी का संबोधन आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन!, चुनाव आयोग से जांच की मांग की

