मुंबई। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा मुंबई ज्ञानशाला द्वारा संस्कार सम्पोषण प्रतिभा पुरस्कार समारोह का आयोजन कांदिवली के राजभवन तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या शासनश्री साध्वी श्री विद्यावतीजी’द्वितीय’ के सानिध्य में समायोजित हुआ। सम्मान समारोह के प्रथम चरण में साध्वीवृन्द ने नमस्कार महामंत्र का पाठ सुनाया उसी के साथ ज्ञानशाला गीत के सामूहिक संगान करते हुए कार्यक्रम का भव्य आगाज हुआ । जीतमाल जोन की बहनों ने सुमधुर मंगलाचरण की प्रस्तुति दी।
मुंबई की आँचलिक संयोजिका श्रीमती राजश्री जी कच्छारा ने समारोह में पधारे हुए गणमान्य अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कांदिवली भवन के नन्हे ज्ञानार्थियों की प्रस्तुति द्वारा सभी का भव्य वेलकम करवाया। साथ ही अपने दो वर्ष के कार्यकाल के स्वर्णिम पलों को पीपीटी के माध्यम से सबके बीच साँझा किया। तत्पश्चात साध्वी श्री प्रेरणाश्री जी ,मृदु यशा जी , रिद्धि यशा जी ने प्रशिक्षक बहनों को मोटिवेशन देने हेतु ज्ञान की ज्योत जलाना है गीतिका का सुमधुर संगान किया । मुंबई ज्ञानशाला की प्रशिक्षक बहनों ने मिलकर आचार्य भिक्षु के व्यक्तित्व को दर्शाते हुए सुन्दर प्रस्तुति दी । ठाणे ज्ञानशाला के नन्हे ज्ञानार्थियो ने आचार्य तुलसी के अवदानों की बहुत ही रोचक एवं मनमोहक प्रस्तुति दी। साध्वी श्री प्रियवंदाजी ने प्रेरणा पाथेय फरमाते हुए कहा कि -आहार ,संस्कार और व्यवहार से हम धरती पर स्वर्ग बना सकते है ,और प्रशिक्षक को सदा अपने विचारों में शुद्धता रखनी चाहिए ।
ज्ञानशाला प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक श्री सोहनराज जी चौपड़ा ने बाल पीढ़ी के संस्कारों की सराहना करते हुए पुराने संस्मरणों को साँझा किया । मुंबई सभा अध्यक्ष श्री माणक जी धींग ने बच्चों को संस्कारों के सिंचन करनेवाली प्रशिक्षक बहनों की प्रशंसा करते हुए आचार्य तुलसी के अनेक अवदानों को याद किया। भारत जैन महामंडल के अध्यक्ष श्री ख्यालीलाल जी तांतेड ने मुंबई ज्ञानशाला की प्रशिक्षक बहनों के श्रम की सराहना करते हुए प्रशिक्षक बहनों की संख्या को बढ़ाने का आह्वान किया । वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री चाँदरतन जी ,मंत्री दिनेश जी सुतरिया ,ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी।
आंचलिक सह संयोजिका अंजु जी चौधरी ने संचालन के साथ प्रथम चरण के सम्मान के सत्र की शुरुआत करते हुए Outstanding Excellance Prashikshk award के लिए राष्ट्रीय प्रकोष्ठ समिति सदस्या प्रोफेसर रत्नाजी कोठारी एवं Excellance Prashikshak Award के लिए विभागीय सह संयोजिका शीतल जी सांखला एवं संगीता जी बाफना के नामों की घोषणा की। श्रेष्ठ संयोजक, श्रेष्ठ ज्ञानार्थी, श्रेष्ठ विशेष सहयोगी के नामों की घोषणा विभागीय सह संयोजिका शीतल जी सांखला ने की।
विविध संस्थाओं के गणमान्य अतिथि सम्मान समारोह में मुंबई सभा के अध्यक्ष श्री माणक जी धींग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री चाँदरतन जी दुग्गड , श्री बाबूलाल जी बाफना ,श्री सुरेंद्र जी कोठारी ,श्री श्रीमती सुनीता जी परमार,श्री बाबूलाल जी समदरिया ,श्री प्यारचंद जी मेहता,श्री दलपत जी बाबेल,मुंबई सभा के मंत्री श्री दिनेश जी सुतरिया , के साथ मुंबई ज्ञानशाला की पूर्व आँचलिक संयोजिकाएं श्रीमती निर्मलाजी चंडालिया ,श्रीमती सुधा जी सिंयाल ,श्रीमती सुमन जी चपलोत, श्रीमती अनिता जी परमार सहित कच्छारा परिवार के स्नेहिल सदस्यजनो की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाया, परिवार के सदस्यों ने अपने अनुभव साँझा किये।
द्वितीय चरण में सम्मान के सुनहरे पलों को सजाते हुए विभागीय संयोजिका श्रीमती चंचल जी परमार के साथ विभागीय सह संयोजिका संगीता जी बाफना ने द्वितीय सत्र का संचालन करते हुए अलग-अलग श्रेणी के नामों की घोषणा की । Multistar Teaching Star Shining Star Supporting Star Academic Organizer , Talented Young Prashikshk Dynamic Mukhya Prashikshk, Inspiring Sah Sanyojika Versatile Sanyojika श्रेष्ठ प्रशिक्षक श्रेष्ठ वरिष्ठ प्रशिक्षक के अलावा उभरती ज्ञानशाला – मानखुर्द और संतोष नगर ज्ञानशाला, उत्तम ज्ञानशाला – वाशी, खारघर, घाटकोपर, कोपरखैरने, सांताक्रूज़, श्रेष्ठ ज्ञानशाला -डोम्बिवाली, भायंदर, पालघर, mdws, काजूपाड़ा, कांदिवली भवन, विशिष्ट ज्ञानशाला – चेम्बूर ज्ञानशाला, बेस्ट जोन – डालगणी जोन, कालूगणी जोन को सम्मानित किया गया ।
सभा संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षक एवं ज्ञानार्थियों को मोमेंटो से सम्मानित किया गया । लक्की ड्रा ,कालुगणी जोन द्वारा गेम खिलाये गये जिसे बनाने में मीरारोड़ ज्ञानशाला का सहयोग रहा । हमारी मुंबई ज्ञानशाला की कर्मठ उत्साही प्रशिक्षक बहने श्रीमती आशा जी रांका एवं श्रीमती सरला जी कोठारी जो अब हमारे बीच नही है उनको लोगस्स्स के सामूहिक उच्चारण के साथ श्रद्धांजलि प्रेषित की गयी । दो वर्षो के कार्यकाल में हुए कार्यक्रमों की झलकियों को दर्शाते हुए डालगणी ज़ोंन की प्रशिक्षिकाओं द्वारा सराहनीय प्रस्तुति हुई जो सबके मन को छू गयी । साथ ही मुंबई ज्ञानशाला द्वारा वर्षीतप करनेवाली बहनों का स्वागत व सम्मान हुआ ।
उच्चारण शुद्धि में सहयोगी बहनों का सम्मान किया गया व रील प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय के साथ दो प्रोत्साहना पुरस्कार से चयनीत ज्ञानशालाओं को सम्मानित किया गया साथ ही लक्की ड्रा जिसने सभी प्रशिक्षिकाओं को खूब लुभाया । समारोह को सफल रूप देने में कार्यसमिति सदस्य निर्मला मेहता , कामिनी बडाला, वनिता धाकड़,रेखा कच्छारा, नयना धाकड़, रेखा खब्या , आशा जी कच्छारा ,कुसुम ओस्तवाल ,रुचि श्रीश्रीमला के साथ रजिस्ट्रेशन काउंटर , लक्की ड्रा कूपन भोजन की व्यवस्था आदि में प्रशिक्षक बहनों का सहयोग रहा । कांदिवली तेरापंथ सभा, तेयुप और महिला मंडल के साथ मलाड की बहनों का सराहनीय सहयोग रहा । टेक्नों टीम से अनिता सिंयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि – सम्मान समारोह में लगभग 405 प्रशिक्षिकाओं के साथ अन्य क्षेत्र सेअध्यक्ष ,मंत्री संयोजक ,सहसंयोजको आदि ने उपस्थिति रही ।
मुंबई ज्ञानशाला का संस्कार सम्पोषण प्रतिभा पुरस्कार समारोह संपन्न

