बेंगलुरु। श्री आऊवा जैन महिला मंडल, बेंगलुरु द्वारा राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं लोकजीवन को सजीव रूप में प्रस्तुत करने हेतु “म्हारी संस्कृति म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन दिनांक 4 अप्रैल 2026, शनिवार को दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक बीबीयूएल जैन विद्यालय में आयोजित किया जाएगा।
मंडल की अध्यक्ष मंजु चंडालिया ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन समाज की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने एवं नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम की संयोजिका बिन्दु रायसोनी रहेंगी। मंडल की मंत्री हर्षा चोपड़ा, उपाध्यक्ष मधु पावेचा, सहमंत्री सविता पी. पोरवाल, कोषाध्यक्ष राखी सुंदेशा मुथा के साथ पूर्वाध्यक्ष शारदा पावेचा, दुर्गा सुराणा एवं कांता के. रायसोनी का मार्गदर्शन भी प्राप्त रहेगा। बेंगलुरु में आऊवा गांव के डेढ़ सौ से अधिक परिवार निवासरत हैं, जिनमें से 45 सदस्य इस महिला मंडल से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। यह आयोजन इन सभी के सामूहिक सहयोग एवं सहभागिता का प्रतीक है।
कार्यक्रम की रूपरेखा अनुसार प्रारंभ में आपसी मिलन एवं नेटवर्किंग का सत्र आयोजित होगा। इसके पश्चात मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम में विषय आधारित प्रस्तुति, अतिथि सम्मान, क्योंकि सास भी कभी बहू थी- नाटक के दो चरण तथा सदस्यों द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां आयोजित होंगी, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
इसके अतिरिक्त विशेष सत्र के अंतर्गत “पात्र परिचय एवं बेटी परनाओ – बहू पढ़ाओ” विषय पर प्रस्तुति तथा “कौन बनेगा आऊवापति” जैसी रोचक गतिविधि भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उपस्थित जनों की सहभागिता रहेगी। इस आयोजन के मुख्य प्रायोजक के रूप में विजयराज, शिल्पा, महेर, सोनल, याशिका पावेचा (आऊवा) तथा फर्म पारस ल्यूमिनरीज, बेंगलुरु का विशेष सहयोग प्राप्त है। सह-प्रायोजक के रूप में श्री मनोरथमलजी लीलाबाई वेद मुथा (आऊवा) का सहयोग रहेगा।
इसके अतिरिक्त सहयोगकर्ताओं में श्री मीठालालजी – मधुबाला पावेचा, श्री सोहनराजजी – शांतिबाई वेद मुथा, श्री सुरेश कुमारजी – गुणवंतिदेवी वेद मुथा, श्री उत्तमचंदजी – राशिलादेवी पावेचा (आऊवा), अरोका वेल्थ तथा श्री महेंद्रजी – पद्मादेवी चंडालिया (आऊवा) का सराहनीय सहयोग प्राप्त है। मंडल की ओर से सभी आऊवा जैन प्रवासी बंधुओं से निवेदन किया गया है कि अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लें एवं राजस्थान की समृद्ध संस्कृति से जुड़ें।
आऊवा द्वारा “म्हारी संस्कृति म्हारो राजस्थान”, कल बेंगलुरु में सजेगा राजस्थानी संस्कृति का महोत्सव

