बोरीवली। मुम्बई महानगर के उत्तर द्वार के रूप में प्रतिष्ठित बोरीवली को सदैव मुम्बई में आगमन का प्रवेश द्वार माना जाता है। धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से बोरीवली से मुम्बई महानगर में प्रवेश होना विशेष मंगल एवं प्रतीकात्मक महत्व रखता है। इसी पावन परंपरा के अंतर्गत साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी का मुम्बई महानगर प्रवेश बोरीवली से होना तेरापंथ समाज के लिए विशेष सौभाग्य का विषय रहा।
दिनांक 15 दिसंबर 2025, सोमवार को प्रातः 9 बजे से कच्छी वीशा हॉल, कस्तूरबा रोड नंबर-1, बोरीवली (पूर्व), मुम्बई में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी के मुम्बई महानगर प्रवेश के उपलक्ष्य में एक गरिमामय, भावपूर्ण एवं सुव्यवस्थित स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं स्वागत गीत से हुआ, जिसे तेरापंथ महिला मंडल बोरीवली की बहनों ने सुमधुर स्वर में प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय एवं आध्यात्मिक बना दिया।
इसके पश्चात क्रमशः वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए-
श्री केलाश जी बेताला (पूर्व अध्यक्ष, तेरापंथी सभा बोरीवली) ने साध्वीश्री के मंगल प्रवेश को समाज के लिए सौभाग्य बताते हुए उनके सान्निध्य से मिलने वाली आध्यात्मिक प्रेरणा पर प्रकाश डाला। श्री किशोर जी धाकड़ (संरक्षक, तेरापंथी सभा बोरीवली) ने वक्तव्य की शुरुआत करते हुए संगठनात्मक एकता, अनुशासन और धर्मभाव को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।, श्रीमती संगीता सिंघी (अध्यक्ष, तेरापंथी सभा बोरीवली) ने स्वागत के स्वर में साध्वीश्री के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए समाज के सतत सहयोग और सेवा भाव को रेखांकित किया।, श्री माणक जी धींग (अध्यक्ष, तेरापंथी सभा मुम्बई) ने मुम्बई स्तर पर संघ की गतिविधियों और साध्वीश्री के प्रवास से होने वाली धर्म-प्रभावना की अपेक्षाओं को साझा किया। श्री दिनेश जी सुतरिया (मंत्री, तेरापंथी सभा मुम्बई) ने संगठनात्मक समन्वय, युवाओं की सहभागिता और अनुशासित कार्यशैली पर अपने विचार रखे।, श्री रमेश जी सोनी (अध्यक्ष, अणुव्रत समिति) ने अणुव्रतों की प्रासंगिकता बताते हुए नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।, श्री राजेन्द्र जी मुणोत (प्रभारी, तेरापंथी सभा मुम्बई) ने कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी संस्थाओं के सहयोग की सराहना की।
, श्रीमती तरुणा जी बोहरा ने साध्वीश्री के सान्निध्य को नारी चेतना, संस्कार और सेवा-भाव को सशक्त करने वाला बताते हुए इसे अपने लिए आत्मिक प्रेरणा और सौभाग्य का विषय बताया।, श्री हितेश जी डागलिया (अध्यक्ष, तेरापंथ युवक परिषद बोरीवली) ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सेवा-संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। ,श्रीमती टीना जी डागलिया (अध्यक्ष, तेरापंथ महिला मंडल बोरीवली) ने महिला मंडल की साधना, सेवा और संगठनात्मक योगदान पर प्रकाश डाला।, श्रीमती अवनि शाह ने कार्यक्रम के भावनात्मक पक्ष को रेखांकित करते हुए साध्वीश्री के सान्निध्य की अनुभूति साझा की।, श्री महेन्द्रजी भंसाली ने समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और धर्मनिष्ठ जीवन के महत्व पर अपने विचार रखे।
श्री विनोद कोठारी ने साध्वीश्री के आगमन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए संयम और सदाचार के महत्व पर संक्षिप्त विचार व्यक्त किए।, श्री ज्ञान जी भंडारी ने तेरापंथ की अनुशासित परंपरा एवं संत-सान्निध्य से होने वाले सामाजिक लाभों को रेखांकित किया।, श्री विनोद बोहरा ने साध्वीश्री के दर्शन को आत्मिक सौभाग्य बताते हुए धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा दी। विशेष आकर्षण के रूप में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व सांसद श्री गोपाल शेट्टी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि साध्वीश्री जैसे तपस्वी संतों का सान्निध्य समाज को सही दिशा देने वाला होता है। उन्होंने तेरापंथ परंपरा की अनुशासनप्रियता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक सो
च, शांति और नैतिक चेतना का विस्तार होता है। उन्होंने स्वयं को इस पावन अवसर का साक्षी बनने पर गौरवान्वित अनुभव किया।
अंत में आभार ज्ञापन श्रीमती मंजु जी मादरेचा (मंत्री, तेरापंथी सभा बोरीवली) द्वारा किया गया, जिसमें सभी वक्ताओं, सहयोगी संस्थाओं और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में साध्वीश्री योगक्षेमप्रभाजी ने पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए सोशल इम्प्रूवमेंट, स्पिरिचुअल एंटरटेनमेंट एवं एथिकल एम्पावरमेंट के माध्यम से समाज को जागरूक और सशक्त बनाने का संदेश दिया। उनके विचारों ने श्रोताओं में आत्मचिंतन और सकारात्मक परिवर्तन की भावना को प्रबल किया। तत्पश्चात साध्वियों की सामूहिक गीतिका की मधुर प्रस्तुति ने वातावरण को शांति, भक्ति और साधना से सराबोर कर दिया। समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने अपने उद्बोधन में संयम, साधना, सेवा और नैतिक जीवन मूल्यों पर प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया।
उनके शब्दों ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में धर्मभाव, आत्मिक शांति और जीवन को श्रेष्ठ दिशा देने का संकल्प जागृत किया। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में बोरीवली के माननीय विधायक श्री संजय जी उपाध्याय का आगमन हुआ। उन्होंने साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि संत-साध्वियों का नगर में आगमन समाज के लिए नैतिक जागरण और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत होता है। अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने साध्वीश्री के सान्निध्य को सौभाग्य बताते हुए इसे अपने लिए धन्यता का विषय बताया तथा समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के प्रसार की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री मानव जी सिंघी ने किया।
अंत में यह उल्लेखनीय रहा कि इस स्वागत समारोह का विनम्र निवेदन श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा मुम्बई द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का आयोजन श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा बोरीवली के तत्वावधान में संपन्न हुआ। तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ किशोर मंडल, तेरापंथ कन्या मंडल एवं ज्ञानशाला परिवार, बोरीवली की सक्रिय एवं अनुशासित सहभागिता ने इस कार्यक्रम को सफल, गरिमामय और स्मरणीय बनाया, कार्यक्रम में गरिमा मय उपस्थित अणुव्रत समिति निवर्तमान अध्यक्ष रोशन मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोहर कच्छारा,निवर्तमानमंत्री राजेश चौधरी, संगठन मंत्री देवेंद्र लोढ़ा व अणुव्रत के कार्यकर्ताओं, मुंबई से श्रावक समाज की बहुत अच्छी उपस्थिति रही।

