एम्सटर्डम:गूगल ने विदेशी करों का भुगतान करने से बचने के लिए साल 2017 में 23 अरब डॉलर की राशि बरमुडा स्थानांतरित की। एक नई रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। बरमुडा उत्तरी अटलांटिक महासागर स्थित करमुक्त द्वीप है। हालांकि यह एक ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र है लेकिन स्वतंत्र रूप से एक देश के रूप में शासित है।
डच चैंबर ऑफ कॉमर्स को सौंपे गए दस्तावेज के अनुसार, गूगल ने यह काम ‘गूगल नीदरलैंड होल्डिंग्स बीवी’ नामक एक डच मुखौटा कंपनी के जरिये किया था। यह राशि इस कंपनी के जरिये साल 2016 में स्थानांतरित की गई राशि के मुकाबले 4.5 अरब डॉलर ज्यादा थी।
गूगल ने इस काम के लिए कर चोरी की एक अंतरराष्ट्रीय रणनीति का इस्तेमाल किया, जिसे ‘डबल आयरिश, डच सैंडविच’ के नाम से जाना जाता है। यह रणनीति कंपनियों को एक आयरिश कंपनी के जरिये किसी डच कंपनी को और फिर उससे बरमुडा जैसे करमुक्त स्थान (टैक्स हेवेन) में स्थित अन्य आयरिश सहायक कंपनी तक अपना मुनाफा भेजने की कानूनी इजाजत देती है।
डच सहायक कंपनी ने, कंपनी की अमेरिका के बाहर अर्जित रॉयल्टी को गूगल आयरलैंड होल्डिंग्स को स्थानांतरित किया। आयरलैंड होल्डिंग्स बरमुडा की कंपनी है, जहां कंपनियां कोई आयकर नहीं देती हैं।
इस कदम से गूगल को अमेरिकी आयकर चुकाने से मुक्ति मिली। साथ ही उसे यूरोपीय निधियों पर भी कर देने से राहत मिल गई। दस्तावेज के मुताबिक, गूगल नीदरलैंड होल्डिंग्स बीवी ने साल 2017 में नीदरलैंड में कर के रूप में 38 लाख डॉलर का भुगतान किया, जो 1.55 करोड़ डॉलर के सकल लाभ पर दिखाया।
गूगल ने फॉक्स बिजनेस को दिए एक बयान में कहा, हमने पिछले 10 साल में 26 फीसदी की वैश्विक प्रभावी कर दर का भुगतान किया है। साल 2017 और इससे पहले के सभी विदेशी मुनाफे, चाहे वे कहीं भी हासिल किए गए अमेरिका में कॉरपोरेट कर के अधीन हैं।
एप्पल एक अन्य कंपनी है जिसने कर देने से बचने के लिए करमुक्त क्षेत्र का रुख करती है। हालांकि साल 2020 तक ऐसा होना असंभव हो सकता है। यूरोपीय संघ और अमेरिका के दबाव में आयरलैंड ने साल 2014 में इस व्यवस्था को चरणबद्ध करने का निर्णय लिया। इससे साल 2020 में गूगल इस व्यवस्था से कर लाभ नहीं ले सकेगा।

