सूरत {गुजरात} विकास धाकड़/पर्युषण पर्व के छठे दिन जप दिवस के अवसर पर सेराप्रांत के सूरत प्रवासी श्रावक-श्राविका परिवार के द्वारा मंगल संगान की शामदार प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर प्रोफेसर साध्वीश्री मंगलप्रज्ञा जी ने सम्पूर्ण पर्युषण पर्व आराधकों को उद्बोधित करते हुए कहा- मंत्र शक्ति का हर परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। यह ऊर्जा कर ऐसा वलय है. जिसमें किसी व्यक्ति को नहीं शक्ति एवं गुनों को नमस्कार किया गया है। मंत्रों का शुद्ध उच्चारण होरा चाहिए। हर अक्षर मंत्र बन सकता है, मंत्रों की सही साधना का ज्ञान होना आवश्यक है। मंत्र शक्ति से अनेक समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। मंत्रो की आराधना के साथ तप की साधना भी की जा सकती है।
इस अवसर पर प्रोफेसर साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी ने कहा मंत्र की साधना के लिए सही दिशा का होना भी आवश्यक है। श्रद्धाभाव के साथ की गई साधना फलवान बनती है। साध्वी श्री जी ने आवर्त्त, ओमवर्त्त,नन्दावर्त एवं शंखावर्त की साधना की जानकारी दी। सम्पूर्ण परिषद को नमस्कार महामंत्र को सुरक्षाकवच बनाते हुए इसकी यथासंभव यथासमय साधना की प्रेरणा दी। साध्वी सुदर्शन प्रभा,साध्वी अतुलयशा,साध्वी डॉ राजुलप्रमा और साध्वी डॉ चैतन्य प्रभा और साध्वी डॉ शोर्य प्रभा ने ‘सम्यक्त्व एयरलेन्स’ कार्यक्रम की प्रेरक प्रस्तुति दी, रात्रि कालीन इतिहास के बोलते पृष्ठ के दोरान – दिव्य ज्योति साध्वी दीपाजी, वचन सिद्ध गुलहजारी जी,गणगौरव श्रावक विजयचंद जी पटवा आदि बलिदानी साधु-साध्वी एवं श्रावक श्राविकाओं का प्रेरक जीवन वृत्त साध्वी श्री जी द्वारा श्रवण करवा गया | ऑपन टॉक शो विथ साध्वीश्री कार्यकम भी काफी प्रभावक रहा। मंच संचालन साध्वी डॉ शोर्य प्रभाजी ने किया।
सूरत {गुजरात} जप दिवस का सिटीलाइट के तेरापंथ भवन के प्रांगण में सुंदर आयोजन.!
Highlights
- मंत्र शक्ति से संभव है समस्याओं का समाधान प्रोफेसर साध्वी मंगलप्रज्ञा.!

