नई दिल्ली:सोने की तस्करी करने वाले एयरपोर्ट पर पकड़े जाने से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने तस्करी का एक नया तरीका गोल्ड पेस्ट बनाकर निकाला है। हालांकि, कई तस्करों को पकड़ लिया गया और उनकी पोल खुल गई। यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए तस्कर एयरपोर्ट कर्मियों को गिरोह में शामिल कर रहे हैं। आईजीआई पर वर्ष 2018 में तस्करी में कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आई हैं।
कैसे बनाते हैं सोने का पेस्ट
कस्टम अधिकारियों के मुताबिक सोना तस्कर पहले सोने का चूरा (पाउडर) बना लेते हैं। फिर इसमें मिट्टी, रसायन या फिर अन्य कोई अशुद्ध सामग्री मिलाकर इसका गोल्ड पेस्ट बनाया जाता है। रसायन के संपर्क में आने से यह गर्म हो जाता है। जब तक यह पेस्ट गर्म रहता है तो इसे किसी भी रूप में ढाला जा सकता है। इसके अलावा पेस्ट बनने से यह पतला हो जाता है और मेटल डिटेक्टर से गुजरते हुए पकड़ में नहीं आता। अगर मिट्टी मिलाई जाती है तो बाद में इसे ठंडे पानी में धोकर सोना अलग कर लिया जाता है। कुछ कैमिकल ऐसे होते हैं जो गर्म करने पर उड़ जाते हैं जिसके बाद फिर ठोस रूप में इस्तेमाल हो सकता है।
14 करोड़ की कोकीन जब्त
वर्ष 2018 में मादक पदार्थ अधिनियम के साथ आईजीआई एयरपोर्ट से तीन विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से करीब 14 करोड़ रुपये की कोकीन बरामद हुई।
शिकंजा
11 दिसंबर 2018 को आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 से गोल्ड पेस्ट के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा गया। आरोपी दुबई से आया था और मुंबई जाने की फिराक में था। उसके पास करीब 15 लाख का सोना बरामद हुआ।
कई बार बच निकलते हैं : सुरक्षा
एजेंसियों के अनुसार, मादक पदार्थ व विदेशी मुद्रा तस्करी से जुड़े लोगों को पकड़ना कठिन होता है। बैगेज व बॉडी स्कैनिंग में कई बार यह लोग बच निकलते हैं। वहीं, अगर कोई अपने शरीर के अंदर छुपाकर मादक पदार्थ लेकर आता है तो उसकी सर्जरी के लिए उसे नोटिस देने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना पड़ता है। इसके बाद सरकारी अस्पताल में सर्जरी का प्रक्रिया भी बेहद लंबी है।
दर्ज मामलों में बढ़ोतरी
वर्ष 2017 के मुकाबले सोने की तस्करी में दर्ज मामलों में वर्ष 2018 में 58 फीसदी और विदेशी मुद्रा की तस्करी में 62.85 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, फर्जी या संपादित ई टिकट के साथ 2018 में पकड़े गए लोगों की संख्या करीब ढाई गुना बढ़ी है।
सोना यहां से आता है
मध्य पूर्व के रियाद, मस्कट, अबूधाबी, बैंकॉक, सिंगापुर से क्योंकि यहां की फ्लाइट सस्ती हैं और यह निकट हैं। ऐसे में गिरोह के एक सदस्य के पकड़े जाने पर प्रतिक्रिया का समय मिलता है। इससे गिरोह के दूसरे सदस्य सतर्क हो जाते हैं। वहीं, इन जगहों पर इस काम के लिए यूपी, बिहार व पंजाब से गए लोग सस्ती दर पर मिल जाते हैं।

