लखनऊ:जिस संतान के लिए 9 साल तक दवा और दुआ का सहारा लिया। उसी को जन्म देने वाली मां ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इंदिरानगर के रवीन्द्र नगर में मैकेनिकल इंजीनियर की पत्नी ने अपनी चार महीने की बेटी अद्विका की हत्या कर दी और शव के साथ तीन घंटे तक लेटी रही।
मंगलवार सुबह उसने पति को बताया कि.. मैनें उसे मुक्त कर दिया है। बदहवास पिता दुधमुंही बेटी को गोद में उठाकर अस्पताल ले गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पुलिस ने पति की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज करके आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि महिला बीते कुछ महीनों से डिप्रेशन में थी।
मूलत: गोरखपुर के बड़हलगंज के महुलियां निवासी चिंतामणि त्रिपाठी ब्लॉक से वरिष्ठ प्रशिक्षक के पद से रिटायर हैं। उनका बेटा बृजनंदन त्रिपाठी मैकेनिकल इंजीनियर है। वर्ष 2009 में बृजनंदन की शादी मऊ के दोहरीघाट निवासी ओम शरण तिवारी की बेटी शुभ्रा से हुई थी। उस समय बृजनंदन गुजरात की एक कंपनी में कार्यरत था। लिहाजा शादी के बाद पांच साल तक दोनों गुजरात में रहे। वर्ष 2014 में बृजनंदन की सऊदी की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी लग गई जिसके बाद दोनों वहां चले गए। वर्ष 2017 में नौकरी छोड़ने के बाद बृजनंदन ने इंदिरानगर में रवीन्द्र नगर के रवीन्द्र अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदा। मौजूदा समय में वह फ्लैट नंबर 107 में परिवार के साथ रह रहा था। घरवालों के मुताबिक चार महीने पहले शुभ्रा ने बेटी को जन्म दिया जिसका नाम अद्विका रखा गया। बृजनंदन की मां सोनवती देवी इकलौती पोती की देखभाल के लिए बेटे-बहू के साथ रहने आ गई।
मैंने उसे मुक्त कर दिया
सोनवती देवी ने बताया कि सोमवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाया जिसके बाद वह दूसरे कमरे में सोने चली गईं। बृजनंदन ड्राइंग रूम के सोफे पर लेटा था जबकि शुभ्रा दुधमुंही बेटी के साथ बेडरूम में सो रही थी। सोमवार सुबह करीब 6 बजे बृजनंदन की नींद खुली तो वह बेटी का चेहरा देखने बेडरूम में गया। उसने अद्विका को पुचकारा लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता शुभ्रा ने उससे कहा कि.. मैं बच्ची को पाल नहीं सकती थी, इसलिए मैंने उसे मुक्त कर दिया। यह सुनकर बृजनंदन सन्न रह गया। अगले ही पल उसने बेटी को गोद में उठाया और सहारा अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
मुंह में कपड़ा ठूंसकर दबा दी नाक
बेटी की मौत से बदहवास बृजनंदन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बेडरूम में छानबीन करने के बाद शुभ्रा से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात बता दी। इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि शुभ्रा ने बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था ताकि उसकी चीख न निकल सके। इसके बाद उसकी नाक को तब तक दबाए रखा जब तक उसके शरीर में हलचल बंद नहीं हो गई। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एएसपी हरेन्द्र कुमार ने बताया कि बच्ची की मौत दम घुटने की वजह से हुई है।
रात 3 बजे ही कर दी थी हत्या
शुभ्रा ने पूछताछ में बताया कि रात करीब 3 बजे अद्विका भूख लगने पर रोयी थी। इसके बाद पहले उसने बेटी को दूध पिलाया और फिर उसे मौत के घाट उतारा था। बेटी के शव को बगल में रखकर वह बेड पर लेटी रही और सुबह पति के कमरे में आने पर उसने हत्या की बात बताई थी।
इंस्पेक्टर अमित दुबे ने बताया कि बृजनंदन त्रिपाठी ने पत्नी शुभ्रा के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके शुभ्रा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे महिला थाने की हवालात में रखा गया। देर शाम पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया।
फेसबुक पर दोस्ती के बाद की लव मैरिज
बृजनंदन ने पुलिस को बताया कि मूलत: मऊ के दोहरीघाट निवासी शुभ्रा का परिवार गोमतीनगर में रहता है। करीब 9 साल पहले फेसबुक पर उनकी दोस्ती हुई थी जो बाद में प्यार में बदल गई। जिसके बाद दोनों ने परिवार की रजामंदी से प्रेम विवाह किया था। बृजनंदन ने बताया कि शादी के 9 साल बाद भी उनकी कोई संतान नहीं हो रही थी। इस पर उन्होंने शुभ्रा का नामचीन डॉक्टरों से इलाज कराने के साथ कई मंदिरों में मन्नत मांगी थी। तब जाकर चार महीने पहले शुभ्रा ने बेटी को जन्म दिया था।
कहती थी कि बेटी को मार दूंगी
परिवार का कहना है कि बीते कुछ महीनों से शुभ्रा मानसिक रूप से बीमार थी। उसका मुंशी पुलिया स्थित एक होम्योपैथिक डॉक्टर से इलाज चल रहा था। सास सोनवती के मुताबिक बेटी होने के बाद से शुभ्रा की मानसिक हालत और बिगड़ गई थी। वह कई बार अजीब हरकतें करती और कहती कि.. बेटी को मार दूंगी। लेकिन, घरवालों को जरा भी यकीन नहीं था कि वह ऐसा कर देगी।
ससुर-दामाद की थाने में हुई कहासुनी
घटना की सूचना पर शुभ्रा के पिता ओमशरण तिवारी घर पहुंचे। वहां उनकी दामाद बृजनंदन से तीखी झड़प हुई। इसके बाद वह बेटी से मिलने महिला थाने गए। वहां भी दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। पुलिस ने बीच-बचाव करके दोनों पक्ष को शांत कराया।
हत्या कर बोली मां ‘मैनें उसे मुक्त कर दिया’

