By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती

Last updated: November 28, 2018 1:02 pm
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
File Photo
SHARE

नई दिल्ली:दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) शिखर सम्मेलन के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान आमंत्रित करेगा। पाक के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसके 24 घंटे के भीतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बयान दिया है। सुषमा स्वराज ने कहा है कि कई सालों से भारत सरकार इस (करतरपुर) गलियारे के बारे में पूछ रही है, अब पाकिस्तान ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसका मतलब यह नहीं है कि इस वजह से द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो जाएगी, आतंक और बातचीत एक साथ नहीं की जा सकती है।
सार्क शिखर सम्मेलन 2016 इस्लामाबाद में होना था लेकिन उसी साल सितंबर में जम्मू कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बाद भारत ने ”मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए सम्मेलन में शामिल होने में अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी थी। बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के भी इसमें हिस्सा लेने से इनकार करने बाद इस्लामाबाद सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था। मालदीव और श्रीलंका सार्क के सातवें और आठवें सदस्य हैं।
इस्लामाबाद में मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए फैसल ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने जीत के बाद अपने भाषण में कहा था कि भारत अगर एक कदम आगे बढ़ेगा तो पाकिस्तान दो कदम बढ़ाएगा। डॉन अखबार ने फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिये आमंत्रित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खान ने अपने भारतीय समकक्ष को एक खत लिखकर मंशा जताई थी कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिये सुलझाने का इच्छुक है। फैसल ने कहा, ”हमनें भारत के साथ एक जंग लड़ी है, रिश्ते तेजी से नहीं ठीक हो सकते। सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी आम तौर पर हर दो साल में वर्णानुक्रम में एक सदस्य राष्ट्र द्वारा की जाती है। सम्मेलन की मेजबानी करने वाला सदस्य राष्ट्र समूह की अध्यक्षता करता है। पिछला सार्क सम्मेलन 2014 में कश्मीर में हुआ था जिसमें मोदी शामिल हुए थे।
फैसल ने यह भी कहा कि करतारपुर गलियारे के छह महीनों में पूरा हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ”इस सदी में कूटनीति पूरी तरह बदल गई है। नीतियां अब नागरिकों की इच्छाओं और भावनाओं के आधार पर बनती हैं।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article तेयुप सिन्धीकेला ने गरीबों को कंबल वितरित किए
Next Article मूंग-मसूर में फर्क न समझने वाले किसानी सिखा रहे हैं : पीएम मोदी

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

सलमान खान की कामयाबी कोई सरप्राइज नहीं, पिता सलीम खान ने पहले ही की थी भविष्यवाणी
entertainment
April 30, 2026
संजय मोहिते बने बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष
state
April 30, 2026
प्राइम वीडियो की आगामी सीरीज़ लुख्खे का ट्रेलर रिलीज़, रैप, क्राइम और स्टाइलिश एक्शन का अनोखा मेल
entertainment
April 30, 2026
जातिगत जनगणना की रूपरेखा अब तक स्पष्ट नहींः कांग्रेस
national
April 30, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?