ठाणे। श्री जै० श्वे० तेरापंथी सभा,ज्ञानशाला विभाग द्वारा मुनि श्री महेन्द्रकुमार जी एवं सहवर्ती मुनिवृन्द की प्रेरणा से 65 सदस्यों का एक ग्रुप 11-16नव० को आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शन सेवार्थ संयोजक श्री संदीप रांका के नेतृत्व में चेन्नई गया।इस ग्रुप में 39 ज्ञानार्थी, 19 प्रशिक्षिकाएं तथा 8 व्यवस्थापक थे। गुरुदेव दर्शन यात्रा के कार्यक्रम की रूपरेखा को क्रियान्वित करने मे श्रीमान निर्मल जी श्री श्रीमाल और सभा अध्यक्ष श्रीमान देवी लाल जी श्री श्रीमाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यात्रा ट्रेन द्वारा थी।लगभग 3 दिन गुरुदेव की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।प्रातः मंगलपाठ,प्रवचन श्रवण ,दोपहर में विशेष प्रशिक्षण कक्षा ,गुरुदेव प्रमुखाश्रीजी की विशेष सेवा के साथ साधु साध्वियों के दर्शन सेवा का भी लाभ प्राप्त हुआ।ज्ञानार्थियों तथा प्रशिक्षिकाओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करवाया मुनिश्री अमृत कुमार जी ने।
गुरुदेव के सामाने ज्ञानशाला के बच्चों की सुन्दर प्रस्तुति हुई।आचार्य वर ने पूरे ज्ञानशाला संघ द्वारा संकल्प वृक्ष के रूप में भेंट किये गये संकल्पों का प्रत्याख्यान करवाया। व्यवस्थापकों ने सभी के लिये बैलूर स्वर्ण मंदिर घुमाने की व्यवस्था की हुई थी,लगभग सभी ने उसका खूब मजा लिया। ट्रेन की लम्बी यात्रा भी व्यवस्थापकों तथा प्रशिक्षिकाओं के सामुहिक प्रयास से आनन्ददायक व सार्थक रही। बच्चों को संकल्प दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य श्रीमती प्रतिभा जी चोपड़ा का रहा। सराहनीय योगदान रहा: मुख्य प्रशिक्षका श्रीमती भारती सिंघवी एवं पूर्व मुख्य प्रशिक्षका श्रीमती सुमन नवलखा तथा सभी प्रशिक्षिकाओं का। मुंबई अंचल की आंचलिक संयोजिका श्रीमती सुमन जी चपलोत की विशेष उपस्थिति रही।
श्री संदीप नवरत्नजी रांका, सुभाषजी हिंगड़,अशोकजी मांडोत,ललितजी कोठारी, प्रमोदजी धींग,दीपकजी बरडिया, श्रीमान अरुण जी ढे़लडिया ।
कोई भी कार्य बिना अर्थ के संभव नहीं है इस यात्रा मे आर्थिक सहयोग प्रदान किया : श्री नरेश जी बाफना, श्रीमती प्रतिभा आदर्शजी चौपड़ा,श्री देवीलालजी श्रीश्रीमाल,श्रीमती सुशीला नवरत्न रांका,श्री मनोहर जी कच्छारा,श्रीमती ललिता रमेश जी सोनी,श्रीमती अमराव मोहनलाल सेठिया, श्री ललित जी कोठारी, श्री राजेश लालचंद जी तातेड़।
गुरूदर्शन यात्रा, ज्ञानशाला ठाणे 2018

