मुंबई:टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने 7 मार्च (शनिवार) को क्रिकेट के सभी फॉरमैट से संन्यास की घोषणा कर दी। इस तरह से दो दशक से चल रहे उनके शानदार क्रिकेटिंग करियर का भी अंत हो गया। 42 वर्षीय जाफर ने भारत की ओर से 31 टेस्ट मैचों में 34.11 की औसत से 1944 रन बनाए। वो भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट में कमाल ना दिखा सके हों, लेकिन डोमेस्टिक क्रिकेट में उनका करियर शानदार रहा है। उन्होंने 260 फर्स्ट क्लास क्रिकेट मैचों में 50.65 की औसत से 19410 रन बनाए और इस दौरान 57 सेंचुरी ठोकी।
टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम पांच सेंचुरी और 11 हाफसेंचुरी दर्ज हैं, जबकि 212 उनका बेस्ट स्कोर रहा। जाफर ने बयान में कहा, ‘सबसे पहले मैं अल्लाह का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिसने मुझे इस शानदार खेल को खेलने के लिए प्रतिभा दी। मैं अपने परिवार, मेरे माता पिता और भाइयों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे इस खेल को पेशे के तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मैं अपनी पत्नी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिसने मेरा प्यारा घर बसाने और मेरे और बच्चों के लिए इंग्लैंड की आरामदायक जिंदगी छोड़ दी।’
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किया था इंटरनेशनल डेब्यू
उन्होंने कहा, ‘मेरे सभी कोच का विशेष आभार। चयनकर्ताओं का तहेदिल से आभार जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया।’ यह सलामी बल्लेबाज उन कुछ भारतीय बल्लेबाजों में शामिल है, जिन्होंने वेस्टइंडीज में दोहरा शतक लगाया है। उन्होंने कैरेबियाई टीम के खिलाफ सेंट लूसिया में 212 रन बनाए थे। जाफर ने 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने अपना पहला वनडे इंटरनेशनल मैच 2006 में इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेला था। जाफर ने केवल दो वनडे खेले जिनमें दस रन बनाए। उन्हें हालांकि घरेलू क्रिकेट खासकर रणजी ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है।
रणजी में 150 मैच खेलने वाले पहले बल्लेबाज बने जाफर
वो रणजी ट्रॉफी में 12,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने करियर में अधिकतर समय मुंबई का प्रतिनिधित्व किया। बाद के दिनों में वो विदर्भ से खेलने लगे थे। वो रणजी ट्रॉफी में 150 मैच खेलने वाले पहले बल्लेबाज हैं। जाफर ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1996-97 में डेब्यू किया और 260 मैचों में 50.67 की औसत से 19,410 रन बनाए। इसमें 57 शतक और 91 अर्धशतक शामिल हैं।

