सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: 15 जनवरी को है मकर संक्रांति, ये है दान करने का शुभ मुहूर्त और महत्व
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
lifestyle

15 जनवरी को है मकर संक्रांति, ये है दान करने का शुभ मुहूर्त और महत्व

Last updated: January 13, 2020 8:54 pm
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
SHARE

मकर संक्रांति हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस साल दान-पुण्य का यह महापर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा। हालांकि मकर संक्रांति की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है लेकिन हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार यदि किसी वर्ष मकर संक्रांति का पर्व शाम को पड़ता है तो इसे अगले दिन मनाया जाता है। यह वजह है कि इस वर्ष मकर संक्रांति को 15 जनवरी को मनाया जायेगा। मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से व्यक्ति को उसका अभीष्ट लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं मकर संक्रांति के दिन दान करने का आखिर क्या है शुभ मुहूर्त और महत्व।

दान करने का शुभ समय-
हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति के दिन शुरू के छह घंटे के भीतर यदि कोई व्यक्ति दान पुण्य करता है तो उसका विशेष महत्व होता है। इसका मतलब इस वर्ष 14 जनवरी, शाम 7.50 के बाद छह घंटे तक किए गए दान का अभीष्ट लाभ मिलेगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति से जुड़े दान-पुण्य के कार्य नहीं किए जा सकते हैं। इस दिन भी पूरे दिन दान पुण्य के कार्य किए जा सकते हैं।

मकर संक्रांति पर करें किस चीज का दान-
मकर संक्रांति के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना बेहद पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन खिचड़ी का दान देना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन से सभी शुभ कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी समाप्त हो जाता है। बता दें, उत्तर प्रदेश में इस पर्व पर खिचड़ी सेवन और खिचड़ी दान का अत्यधिक महत्व बताया जाता है।

मकर संक्रांति से जुड़े पौराणिक तथ्य-
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति के दिन का ही चयन किया था। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे−पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। साथ ही महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए इस दिन तर्पण किया था। यही वजह है कि मकर संक्रांति के दिन गंगासागर में हर साल मेला लगता है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article लाहौर उच्च न्यायालय ने मुशर्रफ के खिलाफ विशेष अदालत के गठन को असंवैधानिक करार दिया
Next Article मकर संक्रांति पर जरूर बनाएं इस चीज का प्रसाद

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

सीजेपी में प्रोटेस्ट के लिए यूपी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने छात्र को दिया नोटिस तो सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़
national
September 9, 2026
‘दृश्यम: द कन्क्लूज़न’ के साथ अपने ज़बरदस्त फ़िनाले की ओर बढ़ रही है, 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज़
entertainment
September 9, 2026
‘मिर्जापुर फैमिली की तरफ से कालीन भैया और मुन्ना भैया ने फैंस को कहा धन्यवाद
entertainment
September 9, 2026
स्वाध्याय आत्मा का दर्पण हैः साध्वी निर्वाणश्री
social
September 9, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?