पूर्व BCCI सिलेक्टर बोले- फिटनेस भी हुई कम, धोनी का बेस्ट हम देख चुके हैं हम

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मुंबई:पूर्व भारतीय ऑल राउंडर रोजर बिन्नी को लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी को अब युवा पीढ़ी को जगह देनी चाहिए। उन्हें लगता है कि पूर्व भारत कप्तान की फिटनेस अब कम हो गई है। वह अब उस  प्रभाव वाले खिलाड़ी नहीं हैं, जो कभी हुआ करते थे। रोजर बिन्नी 1983 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं। बिन्नी कहना है कि उन्होंने पिछले काफी वक्त से धोनी को देखा है और अब वैसे खिलाड़ी नहीं रहे, जैसे अतीत में बेस्ट थे।

रोजर बिन्नी ने स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ”पिछले कुछ वक्त में मैंने उन्हें देखा है। धोनी अब अतीत वाले बेस्ट क्रिकेट से अलग हैं। हारते हुए मैच को पलटना, तेजतर्रार दिमाग, ताकत और जिस तरह वह खिलाड़ियों को मोटिवेट करते थे, यह सब अब बीत चुका है।” उन्होंने आगे कहा, ”उन्होंने अपनी थोड़ी फिटनेस भी खो दी है और अब सिस्टम के जरिये युवा खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। वह वास्तव में अपना सर्वश्रेष्ठ दे चुके हैं।”

महेंद्र सिंह धोनी ने भारत के लिए अपना आखिरी इंटरनैशनल मैच 2019 वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इस मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से धोनी भारत के लिए कोई मैच नहीं खेले हैं। उनके  इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2020) में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के नेतृत्व करने की उम्मीद है। 29 मार्च को होने वाला आईपीएल कोरोना वायरस महामारी की वजह से स्थगित चल रहा था, लेकिन अब यह टूर्नामेंच 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच यूएई में खेला जाएगा।

हालांकि, बिन्नी ने चैंपियन क्रिकेटर होने और शानदार प्रदर्शन करने के लिए धोनी की सराहना की। बिन्नी को 2012 में पांच सदस्सीय सिलेक्शन पैनल का सदस्य बनाया गया था। उन्होंने बताया कि धोनी ने हमेशा वरिष्ठ क्रिकेटरों और प्रभारी खिलाड़ियों के प्रति जबरदस्त सम्मान दिखाया है।

उन्होंने कहा, ”एक बात जिसके लिए हम धोनी की तारीफ करते हैं, वो यह है कि उन्होंने पूर्व क्रिकेटरों के प्रति काफी सम्मान दिखाया है। वह काफी डाउन टू अर्थ इंसान हैं। उन्होंने क्रिकेटरों का सम्मान भी किया और उन्हें वक्त भी दिया। वह आपके पास आते थे और चर्चा करते थे। वह आपको बताते थे कि वह क्या चाहते हैं।”

बिन्नी ने आगे कहा, ”वह मैदान पर मौजूद व्यक्ति थे और हमें उन्हें वह देना था, जो वह चाहते थे लेकिन वह इसकी मांग नहीं करते थे। वह चैयरमेन और सिलेक्टर्स से बात करते थे। हमारे बीच कभी बहस या लड़ाई नहीं हुई। उनके साथ काम करना बेहद शानदार रहा।”

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