क्वाड के चक्रव्यूह में फंसेगा चीन, हिन्द-प्रशांत में नहीं चलने दी जाएगी ड्रैगन की दादागिरी

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वॉशिंगटन:अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने भारत एवं जापान के साथ ‘क्वाड’ ग्रुप में विचार-विमर्श करने को लेकर प्रतिबद्धता प्रकट की है और जोर दिया है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि के लिए वे अन्य भागीदारों के साथ भी काम कर रहे हैं। दोनों देशों के शीर्ष मंत्रियों ने मंगलवार (28 जुलाई) को फिर से दोहराया कि गठबंधन का ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर है और अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया, आसियान, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया तथा अन्य देशों के साथ क्षेत्र की सुरक्षा, समृद्धि के लिए काम कर रहे हैं।

इसमें ‘फाइव आईज’ समूह के देशों की भी मदद मिल रही है। ‘फाइव आईज’ समूह में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। ‘क्वाड’ दरअसल चार देशों- भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका का एक समूह है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता, कानून का पालन सुनिश्चित करने और क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव को रोकने के लिए इन देशों ने हाथ मिलाया।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा, ”मैं आश्वस्त हूं कि यूरोप तथा भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया भर के लोकतांत्रिक दोस्त आज इससे जुड़े हैं। ये सभी देश आज के समय की चुनौती को समझ रहे रहे हैं और जो देश आजादी के मूल्यों, आर्थिक समृद्धि, कानून का पालन करने में विश्वास रखते हैं वह हमारे साथ जुड़ेंगे।”

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मेरिस प्याने, ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री लिंडा रेनॉल्डस भी पोम्पिओ के साथ मौजूद थे। नेताओं ने कोविड-19 के असर को कम करने के लिए हिंद- प्रशांत क्षेत्र के सहयोगी देशों के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई। ऑस्ट्रेलिया-अमेरिका के मंत्रियों के बीच विचार-विमर्श के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ा चढाकर किए जाने वाले दावों से निपटने के लिए विचार-विमर्श किया। पोम्पिओ ने कोरोना वायरस की शुरूआत कहां से हुई इस संबंध में स्वतंत्र समीक्षा करवाने और चीन के दुष्प्रचार अभियान की खुल कर आलोचना करने के लिए ऑस्ट्रेलिया की सराहना की।

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