भिवंडी में कचरा उठाने वाली घंटा गाड़ियां हड़ताल पर

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मुंबई:मनपा की ओर से निजी ठेकेदारों को घंटागाड़ी के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों में घर-घर जाकर कचरा उठाने का ठेका दिया गया है| लेकिन घंटा गाड़ी से कचरा उठाने वाले ठेकेदारों को पिछले छह महीने से उनके बिल का भुगतान नहीं किया गया है| बिल के भुगतान न करने के कारण घंटा गाड़ियों के ठेकेदारों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मंगलवार से कचरा नहीं उठाया जा रहा है| इसके कारण शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया है| कचरा न उठाए जाने से नाराज कांग्रेस नगरसेवक फराज बहाउद्दीन बाबा ने बुधवार को दोपहर 12 बजे अपने वॉर्ड का कचरा अपने कार्यकर्ताओं के साथ ले जाकर मनपा मुख्यालय के प्रवेशद्वार पर फेंककर विरोध दर्ज किया| इसके बाद मनपा प्रशासन ने कचरा उठाने वाले ठेकेदारों का एक महीने के बिल का भुगतान कर दिया है|

बतादें कि शहर के विभिन्न इलाकों से प्रतिदिन निकलने वाले 400 मैट्रिक टन कचरे को उठाने का ठेका 2014 में निजी ठेकेदारों को दिया था| कचरा घंटा गाड़ी के माध्यम से घर-घर जाकर उठाया जाता है| मनपा के 90 वार्डों से कचरा उठाने के लिए 93 घंटा गाड़ियां, 15 जेसीबी एवं 49 डंपर किराए पर लिए गए थे| लेकिन लॉकडाउन लगने के पहले से ही मनपा द्वारा फरवरी 2020 के बाद से कचरा उठाने वाले ठेकेदारों के बिल का भुगतान नहीं किया गया| इससे नाराज ठेकेदारों ने हड़ताल कर दी| इसके कारण मंगलवार से शहर के विभिन्न इलाकों से कचरा नहीं उठाया गया और शहर में जगह-जगह कचरा जमा हो गया| बारिश होने के कारण कचरे से दुर्गंध आ रही है|

ठेकेदारों ने बताया कि 2010 की एक सूचना के तहत प्रतिदिन 1197 रुपये प्रति घंटा गाड़ी की दर एवं घंटा गाड़ी पर काम करने वाले मजदूरों को 297 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाती है| इतनी कम मजदूरी में भी वे काम कर रहे थे| कोरोना की महामारी के दौरान जिस समय लोग अपने घरों से निकलना नहीं चाहते थे, उस समय उनके मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर भी कचरा उठा रहे थे| नगरसेवक फराज बहाउद्दीन बाबा ने बताया कि 15 दिन पहले भी ठेकेदारों ने कचरा उठाना बंद कर दिया था| उस समय बकाया बिल के भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद ठेकेदारों ने काम शुरू कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी बकाया बिल का भुगतान न करने के कारण ठेकेदारों ने आंदोलन शुरू कर दिया|

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