इरफान पठान को भरोसा, टेस्ट में वीरेंद्र सहवाग जैसा असर छोड़ सकते हैं रोहित शर्मा

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नई दिल्ली:पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान को भरोसा है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग जैसा प्रभाव छोड़ सकते हैं। रोहित ने अपना टेस्ट करियर 2013 में मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज के तौर पर शुरू किया था। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने टेस्ट में ओपनिंग की और तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में शानदार 529 रन बनाए। बतौर टेस्ट ओपनर डेब्यू करते हुए रोहित शर्मा ने  दो शतक जड़े और ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। ऐसे में इरफान पठान को यकीन है कि रोहित शर्मा में रनों की भूख है, जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भी बढ़ने में मदद करेगी। उन्होंने रोहित शर्मा के बतौर ओपनर वनडे में खेलने के अनुभव को फायदेमंद बताया।

इरफान पठान ने स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, ”हमें टेस्ट क्रिकेट में भी रोहित शर्मा का दोहरा शतक देखने को मिला। वनडे क्रिकेट में बतौर सलामी बल्लेबाज आने के बाद हम उनकी पारियां और दोहरे शतक देख ही चुके हैं। आने वाले वर्षों में वह जितने अधिक मैच खेलेंगे, वह वीरेंद्र सहवाग की तरह ही प्रभाव डाल सकते हैं। पिछले दो सालों में हमने एक अलग तरह के रोहित शर्मा को देखा है। वह शख्स, जो शतक के बाद शतक जड़ रहा है। वनडे की उनकी परफॉर्मेंस आने वाले कुछ सालों में टेस्ट क्रिकेट में उनकी मदद करेगी।”

इरफान का कहना है कि वनडे में बतौर ओपनर रोहित की सफलता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भी ऊंचाई पर पहुंचने में मदद करेगी। हालांकि, अब रोहित की उम्र 33 साल है। ऐसे में वह कब तक वीरेंद्र सहवाग वाली सफलता हासिल करते हैं, यह एक बड़ा सवाल है। रोहित ने अबतक महज 32 टेस्ट खेले हैं, जबकि पूर्व सलामी बल्लेबाज ने 104 टेस्ट खेले।

उन्होंने कहा, ”हाल ही में जब हमने रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में बतौर ओपनर खेलते हुए देखा है। ओपनिंग करते ही उनका पूरा टेस्ट करियर ही अलग नजर आने लगा। जब वह मध्यक्रम में खेलते थे, तब वह उस तरह से नहीं खेल पाते थे जैसी उनसे उम्मीद की जाती थी।”

इरफान ने कहा, ”रोहित कब तक खेल पाते हैं, यह सवाल रहेगा क्योंकि सहवाग ने 100 टेस्ट मैच से ज्यादा खेले हैं। रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में चैंपियन हैं। वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में मेरे लिए तीन टॉप बल्लेबाजों में से एक है। लेकिन अगर हम टेस्ट क्रिकेट की बात करते हैं तो वह थोड़ा पीछे हैं क्योंकि शायद वह ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेल पाएं।”

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