एफडब्लूआइसीई ने जताई उम्मीद, मुम्बई में 20 जून से शुरू होगी शूटिंग

0
16

महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के प्रेसिडेंट बी एन तिवारी, जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे, ट्रेजरार गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव “संजय” और मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने खुशी जताते हुए महाराष्ट्र सरकार का आभार जताया है। विदित हो कि, महाराष्ट्र सरकार ने 31 मई की शाम को फिल्मों, टीवी शो और वेब सीरीज की शूटिंग की इजाजत दे दी है। इसके लिए सरकार द्वारा  कुछ शर्तें तय की गई हैं। फिल्म,  टीवी, वेब सीरीज यूनिटों को शूटिंग के वक्त सोशल डिस्टेंसिंग और स्वास्थ्य से संबंधित सभी दूसरे दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा और दिशा-निर्देशानुसार अनुमति लेकर ही शूटिंग की जा सकेगी
एफडब्लूआईसीई के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा है कि, “महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे जी ने घोषणा की है कि कुछ नियम और शर्तों के साथ पोस्ट प्रोडक्शन और शूटिंग की जा सकती है। इसके लिए मैं फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज और इससे जुड़े 5 लाख वर्करों की तरफ से और प्रोड्यूसर बॉडी की तरफ से उनको बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि, “बहुत दिनों से काम बंद था। हमारे वर्कर बहुत परेशान थे। सेटिंग डिपार्टमेंट के अस्सी प्रतिशत वर्कर अपने गांव जा चुके हैं। एक मुश्किल घड़ी आ गयी थी। मैनें राज्य के सांस्कृतिक सचिव संजय मुखर्जी जी से वर्चुवल मीटिंग में कहा था कि थोड़ी देर और होगी और यदि जल्द ही शूटिंग के लिए डेट एनाउंस नही किया जाता है तो एक जून से ट्रेन सेवा शुरू हो रही है जो वर्कर बचे हैं वे भी गांव चले जाएंगे। महाराष्ट्र सरकार ने इस बात को संज्ञान में लिया और तमाम सुरक्षा उपायों के बीच यह राहत भरी खबर आई है। हम उम्मीद करते हैं कि 20 जून से फिल्मों, धारावाहिको, वेब सीरीज और एड फिल्मों की शूटिंग शुरू होगी। मैं फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, सरकार को और फ़िल्म इंडस्ट्रीज को धन्यवाद देना चाहूंगा और सबका अभिनंदन करना चाहूंगा।”
बता दें कि, एफडब्लूआइसीई ने महाराष्ट्र सरकार का आभार जताकर सारा श्रेय लेने की चेष्टा की है और 20 जून से शूटिंग शुरू करने की संभावित तारीख भी घोषित कर दी है। यह बाॅलीवुड के हित में होगा, यदि शूटिंग व अन्य कामकाज जल्द शुरू हों। लेकिन मध्यम श्रेणी के निर्मातागण शूटिंग के दौरान सेट पर डाक्टर, नर्स और एम्बुलेंस जैसी शर्तों को अतिरिक्त खर्च (ओवर बजट) मान रहे हैं। और यह सच भी है कि हर निर्माता इस तरह खर्च वहन करने की सामर्थ्य नहीं रखता। इस लिए शूटिंग के दौरान सेट पर डाक्टर, नर्स और एम्बुलेंस सरकार या एफडब्लूआइसीई द्वारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही हरेक विभाग के लोगों को बराबर उनका हक भी मिलना चाहिए। अन्यथा शूटिंग के समय सेट पर जाकर शूटिंग में जाँच पड़ताल करने वालों को नाजायज़ कमाने – खाने का मौका मिलेगा। मध्यम श्रेणी के निर्मातागण शूटिंग कार्य शुरू नहीं कर सकेंगे। वन डे, टू डे काम करने वाले कलाकार और डेली वेज वर्कर्स भी कार्य के अभाव में समस्याग्रस्त बने रहेंगे।
– शामी एम् इरफ़ान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here