कोरोना संकट: आंध्र प्रदेश के CM, विधायकों से लेकर कर्मचारियों तक सबकी सैलरी रुकी

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नई दिल्ली:तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार जहां सरकारी कर्मचारियों की सैलरी काट रही है। वहीं आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी सरकार ने कोरोना वायरस और देश में लॉकडाउन के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों के वेतन को रोकने करने का आदेश जारी किया है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने प्राइवेट सेक्टर से अपील की है कि कोरोना की वजह से कर्मचारियों के वेतन में कटौती ना की जाए।

मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने बताया है कि जिन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी रोकी गई है उसमें मुख्यमंत्री/मंत्रियों/विधायकों/ एमएलसी, निगम सदस्यों, स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के वेतन का 100% स्थगन शामिल है।

महाराष्ट्र सरकार ने 25 से 60 फीसदी की कटौती की 
महाराष्ट्र सरकार ने भी करोना संकट की वजह से मुख्यमंत्री से लेकर सी ग्रेड के कर्मचारियों तक के मार्च के वेतन में कटौती का आदेश जारी कर दिया है। वेतन में कटौती 25 से 60 % तक होगी। डी ग्रेड के कर्मचारियों को वेतन कटौती से राहत दी गई है। सीएम से लेकर सभी विधायकों और एमएलसी की सैलरी में मार्च महीने में 60 पर्सेंट की कटौती की जाएगी। ग्रेड-ए और ग्रेड-बी स्तर के कर्मचारियों की सैलरी आधी यानी 50 पर्सेंट काटी जाएगी। ग्रेड-सी के कर्मचारियों को 25 पर्सेंट कम वेतन मिलेगा। डी ग्रेड कर्मचारियों को कटौती से बाहर रखा गया है।

तेलंगाना में 75 फीसदी सैलरी में की गई थी कटौती
तेलंगाना की के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर की सरकार ने राज्य के सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों की सैलरी में 75 परसेंट तक की कटौती का फैसला किया है। तेलंगाना सरकार ने नौकरी वालों के साथ-साथ पेंशन पाने वाले पूर्व कर्मचारियों और अधिकारियों के पेंशन में भी 50 परसेंट तक की कटौती कर दी गई है। सिर्फ क्लास 4 कर्मचारियों की सैलरी या रिटायर्ड ग्रुप 4 कर्मचारियों के पेंशन में 10 परसेंट की कटौती का फैसला हुआ है।

आंध्र में संक्रमण के 21 नए मामलों में अधिकांश तबलीगी जमात के आयोजन में हुए थे शामिल

आंध्र प्रदेश में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 21 नए मामले सामने आए जिनमें से 18 व्यक्ति वे हैं जो नई दिल्ली में तबलीगी जमात के आयोजन में शामिल हुए थे। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 44 हो गई है।  संक्रमण के ताजा मामलों में से चार विशाखापत्तनम के हैं और यह सभी व्यक्ति 13 और 15 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन में धार्मिक आयोजन में शामिल हुए थे। संक्रमित व्यक्तियों में से एक मदीना से लौटा है और दो अन्य कर्नाटक में मक्का से लौटे एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमित हुए।  बुलेटिन में कहा गया कि सोमवार रात से अब तक कुल 256 नमूनों की जांच की गई जिनमें से 235 के नतीजे नकारात्मक आए।

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