25 मार्च से चैत्र नवरात्रि: प्रतिपदा, अष्टमी और नवमी पर बिना मुहूर्त देखे कर सकते हैं शुभ काम

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बुधवार, 25 मार्च को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और गुड़ी पड़वा है। इस दिन से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है और हिन्दू नववर्ष शुरू होगा। इस दिन रेवती नक्षत्र के साथ ही बुधवार होने से रहेगा ब्रह्म योग बन रहा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि पूरे नौ दिन तक रहेगी।

शुभ काम करने के लिए अबूझ मुहूर्त

पं. शर्मा के अनुसार चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा, अष्टमी और नवमी तिथि किसी भी काम की शुरुआत करने शुभ दिन होते हैं। इन दिनों को अबुझ मुहूर्त माना जाता है। इन दिनों में की गई पूजा-पाठ का सकारात्मक फल जल्दी मिल सकता है। अपने कामों में सफलता मिल सकती है।

दुर्गा मां के जन्म का पर्व

पुरानी मान्यताओं के अनुसार प्राचीन में चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि पर देवी दुर्गा प्रकट हुई थीं। इस दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी। त्रेता युग में इस नवरात्रि के अंतिम दिन भगवान विष्णु ने श्रीराम का अवतार लिया था। इसी वजह से इन दिनों में देवी मां के अलग-अलग स्वरूपों की और श्रीराम की विशेष पूजा की जाती है।

नवरात्रि में कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं

प्रतिपदा को ब्रह्मयोग, द्वितीया, षष्ठी तिथि पर सर्वार्थ-अमृत सिद्धि योग रहेगा, तृतीया और नवमी तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, पंचमी तिथि पर रवियोग रहेगा, छठवां दिन : सर्वार्थ-अमृत सिद्धि योग रहेंगे।

देवी दुर्गा को चढ़ाएं फूल

नवरात्रि में नौ दिनों तक रोज सुबह देवी मां की पूजा करें। माता के सामने दीपक जलाएं। पूजा में दुं दुर्गायै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। माता को फूल चढ़ाएं। नारियल अर्पित करें।

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