परीक्षा के समय सकारात्मकता के साथ करें पढ़ाई

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नेहा पी जेठवानी
योगा काउंसलर, योग थेरेपिस्ट,
टैरो कार्डरीडर, न्यूमेरोलॉजी, नेचरोपैथी
मोबाइल न. 9323885959

अभी परीक्षाओं का दौर चल रहा है। बच्चों ओर युवाओं का चिंतित होना स्वाभाविक है। डर मन मे बना हुआ है। डर से निजात पाने का सब से अच्छा तरीका है वर्तमान में रहना और दिल लगा कर पढ़ना।
– डर कब लगता है?
जब व्यक्ति खाली बैठता है तब डर लगता है। खालीपन का दूसरा नाम ही डर है। वर्तमान समय में बैठ कर कुछ भी अनावश्यक सोचने से डर उत्पन्न होता है। इस लिए कुछ भी सोचने के बजाय कुछ काम मे जुट जाना चाहिए। इससे दर स्वयं ही समाप्त हो जाएगा। बहुत बार अभिभावक और शिक्षक परीक्षा को इस प्रकार समझाते है कि विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी करने की बजाय डरने लगता है।
– अनावश्यक दबाव न लें?
चिंता करना आवश्यक है क्योंकि चिंता करने पर व्यक्ति आने वाली परेशानियों को समझते हुए उस अनुसार कार्य करना शुरू करता है। वह आने वाले खतरे से सावधान हो जाता है। और सफलता के लिए पर्याप्त तैयारी करता है। दुनिया मे हजारों लोग सड़क पर कार, मोटरसाइकिल, साईकिल, रिक्शा,ऑटो आदि ले कर चल रहे है। सब अपनी रफ्तार से चल रहे। अगर सबने रेस लगाई तो कोई एक ही फर्स्ट आएगा, अगर प्रतियोगिता की बात की जाए तो किसी भी प्रतियोगिता में 10 या 20 प्रतिशत ही लोग अधिक योग्य है।
बाकी 80 से 90 प्रतिशत सामान्य ही है। परंतु उन 100 प्रतिशत में सभी अपने वाहन का उपयोग सफलतापूर्वक कर लेते है। अगर सभी प्रतियोगिता में फर्स्ट नही आये इसका मतलब ये नही की सभी अपने जीवन मे असफल है। सभी को अपने जीवन मे विभिन प्रकार के अवसर मिलेंगे और मिलते रहेंगे प्रगति के लिए। हर एक के लिए प्रगति के मार्ग खुले है। हर एक व्यक्ति का स्वभाव और रुचि अलग अलग है। इसलिए सफलता की सीढ़ी भी सबकी अलग अलग है।
– तुलना करने में वक़्त न गवायें?
परीक्षा के दौरान अपने पढ़ाई की तरफ ध्यान दे ना कि मेरा साथी मुझसे अधिक अंको से पास न हो जाये इस चिंता में अपना समय बर्बाद न करें। क्योकि ये चिंता मन को एकाग्र होने से रोकती है। और जो पढ़ रहे उसे याद रखने में बाधा पैदा करती है।
– खान पान का ध्यान रखें?
परीक्षा के दौरान अपने स्वास्थ्य का पूर्ण ध्यान रखे।भोजन ऐसा ले जो पचने में आसान हो। हल्के भोजन, सलाद ओर फलों का उपयोग उचित मात्रा में करे।मसालेदार खाने से बचे। इससे गैस एसिडिटी और कब्ज हो सकती है हिस्से पढ़ाई में बाधा होगी।
– मन को प्रसन्न रखे?
कुछ काम या खेल जो आपको पसंद हो फालतू सोचने के बजाय 10 या 15 मिनट उसे करें।
– मन और बुद्धि दोनो में संतुलन रखे?
कुछ काम करना हमें अच्छा लगता वो मन खुशी-खुशी करता है। पर जो हमारे लिए जरूरी है उसे बुद्धि करना चाहती है पर मन साथ नहीं देता और मन भटकने लगता है। मन और बुद्धि को साथ-साथ लाना जरूरी है ताकि अच्छे से पढ़ाई हो।
– लगातार एक ही जगह न बैठें?
दिन रात एक ही जगह न बैठे। बीच बीच में उठ कर थोड़ा हाथ पैर, गर्दन, पीठ हो हिला कर व्यायाम कर लें जिससे रक्त का संचार बराबर तरह से हो।
– रोशनी का पर्याप्त इस्तेमाल करें?
अंधरे रूम के पढ़ने के बजाय रोशनी में पढ़े। जिससे नींद आने की संभावना पढ़ने के दौरान कम हो जाती है।
– पढ़े हुए चैप्टर्स को बार बार न दुहराएं?
कुछ पाठ जो आपने पढ़ लिए है और वो आपकी समझ में है। पर जो पाठ अब तक नहीं पढ़े पहले उन्हें पढ़ ले। याद करने के बजाय समझने का प्रयास करें।

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