दिल्ली हिंसा में आप पार्षद ताहिर हुसैन पर कसा शिकंजा, हत्या का केस दर्ज

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नई दिल्ली:उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बीते दिनों हुई हिंसा के बाद आप पार्षद ताहिर हुसैन पर शिकंजा कसता जा रहा है। ताहिर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर दयालपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 302 के तहत दर्ज की गई है। आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा (26) के परिवार ने ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप लगाया है।
इससे पहले ताहिर हुसैन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी फैक्ट्री को सील कर दिया था। यह फैक्ट्री दिल्ली के खजूरी खास इलाके में थी। बता दें कि दिल्ली में हुई हिंसा के बाद ताहिर का नाम सामने आया था। उनपर आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप के अलावा हिंसा फैलाने का भी आरोप लगा था। एक वीडियो में ताहिर हुसैन के घर की छत पर पेट्रोल बम, गुलेल, पत्थर आदि दिखाई दिए थे।
आप पार्षद ने दंगों में और आईबी के कर्मचारी की हत्या में अपनी संलिप्तता से गुरुवार को इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मुझे खबरों से पता चला कि एक व्यक्ति की हत्या का इल्जाम मुझ पर लगाया जा रहा है। ये झूठे और निराधार आरोप हैं। सुरक्षा की दृष्टि से मेरा परिवार और मैं पुलिस की मौजूदगी में सोमवार को ही अपने घर से चले गए थे।
वहीं, आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन पर दंगों में संलिप्त होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने गुरुवार दोपहर कहा कि अगर दंगों में शामिल लोग आप से जुड़े पाए जाते हैं तो उन्हें दोगुनी सजा दी जाए। केजरीवाल ने कहा, ‘मेरे पास पुलिस नहीं है। इस तरह के दंगे होते हैं तो उसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। चाहे बीजेपी, कांग्रेस या आप का नेता ही क्यों ना हो। चाहे मंत्रिमंडल में क्यों ना हो, सजा मिलनी चाहिए। उठाकर जेल में डालों चाहे हमारे वाले हों या उनके वाले हों। देश के साथ राजनीति करना बंद करो।’
दिल्ली हिंसा में मृतकों की संख्या और बढ़ी
दिल्ली हिंसा में मृतकों की संख्या में गुरुवार को और इजाफा हुआ। मृतक संख्या गुरुवार को 38 पहुंच गई। हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों ने तीन दशक से अधिक समय में राजधानी में हुए सबसे भयावह दंगों के बाद अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के प्रयास तेज कर दिए। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर पूर्व दिल्ली में रविवार से भड़के सांप्रदायिक संघर्ष का अंजाम इतना बुरा हुआ कि अब सड़कों पर चारों तरफ ईंट-पत्थर बिखरे हुए हैं, मकान, दुकानें जला दिये गये, लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया।

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