साक्षात्कार: मेरे जीवन के कल्याण में भगवान शिव का बड़ा योगदान: दवे

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पाटिया महादेव कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों को लेकर विशेष साक्षात्कार

राजसमंद जिले के बामन टुकड़ा गांव में स्थित पाटिया महादेव के भक्तों की फेहरिस्त बहुत लंबी है! लेकिन इसी में एक नाम ऐसा भी हैं जिनका मानना है कि उनके जीवन को कल्याण में बनाने में भगवान महादेव की महत्वपूर्ण भूमिका है। भगवान शिव के इस विशिष्ट भक्त का नाम है शंकरलाल दवे भारत की टॉप टेन नमकीन प्रोडक्ट में एक नाम धरती नमकीन के फाउंडर दवे का कारोबार गुजरात से लेकर दुबई तक फैला है।
प्रतिवर्ष पाटिया महादेव में शिवरात्रि महा आयोजन में अपनी विशेष भूमिका के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाने वाले दवे ने शिवरात्रि के अवसर पर हम से खुलकर बातचीत की पेश है उसी के अंश:

मेरे पुरखों की विरासत है पाटिया महादेव
दवे का कहना है कि उनके कश्यप गोत्र के पूर्वज मूल रूप से तेरहवीं शताब्दी के आसपास मेवाड़ में आए तभी से उनका मंडावत दवे परिवार बामन टुकड़ा में रह रहा है। 19वीं शताब्दी के प्रारंभिक काल में भगवान सदाशिव के इस स्वरूप का हमारे गांव के खेतों के ऊपर प्रकट हुआ तभी हमारे पूर्वजों ने इस शिवलिंग को एक छोटी से कच्चे चबूतरे पर विराजित करवा दिया शने शने दवे पालीवाल परिवार द्वारा इसकी पूजा की जाने लगी और कालांतर में गांव के तमाम जातियां भी इससे मंदिर से जुड़ गई।

1 रूपये का प्रसाद चढ़ाते थे हम
मेरे माता पिता भेरूलाल जी चतरू बाई ने मैं यही संस्कार दिए थे कि ब्राह्मणों के मूल देवता शिव होते हैं इसी के चलते हम बचपन से ही इस मंदिर से जुड़े हुए थे मुझे याद है कि मेरी मां 1रूपये का प्रसाद लाकर उस जमाने में प्रभु को भेंट करती थी और हम तमाम बच्चों में बांट देती थी आज भगवान की कितनी बड़ी महिमा है कि शिवरात्रि पर हजारों लोग यहां महाप्रसाद ग्रहण करते हैंl

मेरी उन्नति में भोलेनाथ की कृपा
दवे बताते हैं कि आज से 30 वर्ष पूर्व बस सूरत में व्यापार करने गए थे, प्रभु की ऐसी कृपा हुई कि 25 वर्ष पूर्व उन्होंने धरती नमकीन प्रोडक्ट की स्थापना की शनै शनै आज व्यापार वृहद स्तर पर फैल गया और प्रभु कृपा से सुख और चैन की दाल रोटी खा रहे हैं।
आज हमारी कंपनी देश-विदेश में होने वाले विभिन्न सेमिनार में भाग लेती है हमारा प्रोडक्ट यूएस और विश्व के अनेकों देशों में बड़े स्तर पर पसंद किया जाता है। इसके पीछे हमारी मूल मंशा रहती है कि हम गलत काम नहीं करें इसीलिए हमारे प्रोडक्ट में हम शुद्धता का विशेष ख्याल रखते हैं प्रभु भोलेनाथ की कृपा है कि हमारी कंपनी दिन-प्रतिदिन आगे बढ़ रही है।

छोटे से कार्यक्रम से हुई थी शुरुआत
दवे बताते हैं कि पहले शिवरात्रि का कार्यक्रम सामान्य रूप से आयोजित होता था। लेकिन पाटिया महादेव के स्थान की जैसे-जैसे ख्याति बढ़ने लगी लोग बड़ी मात्रा में जुड़ने लगे आज राजसमंद जिले के आसपास सहित प्रवासी समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शिवरात्रि के अवसर पर बामन टुकड़ा पदार्थ हैं और प्रभु के श्री चरणों में आनंद की बसूरी बजाते हैं और अखंड आनंद का आनंद लेते हैंl

कई चमत्कारों से रूबरू हुआ हूं,
दवे बताते हैं कि जहां श्रद्धा है वहां चमत्कार मेरे जीवन में कई सारे ऐसे प्रसंग आए जब मैं कई सारी समस्याओं से गिर गया था लेकिन प्रभु पाटिया महादेव की कृपा रही और हर बार मैं समस्याओं से दूर होकर जीवन के मार्ग पर आगे बढ़ता है मेरे जीवन में हुए चमत्कारों की फेहरिस्त बहुत लंबी है मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कि आप जिस ईश्वर के स्वरूप में आस्था रखो उसे बहुत गहरी करते जाओ आपके जीवन में सब कुछ आनंद होते जाएगा l

फूड इंडस्ट्रीज में है स्कोप
दवे बताते हैं कि वर्तमान समय में खाने-पीने का जो व्यापार है वह पूरे विश्व में तेजी से फैल रहा है अगर आपके पास किसी प्रोडक्ट की विशेषता है तो आपको फूड इंडस्ट्रीज की ओर कदम रखना चाहिए आने वाले वक्त में फूड इंडस्ट्रीज का दायरा बहुत बड़ा होने वाला है उन्होंने कहा कि युवाओं को इस इंडस्ट्रीज में नए-नए स्टार्टअप के साथ कदम रखना चाहिए कुछ वर्षों की मेहनत के बाद वह जरूर एक सफल व्यापारी बनेंगेl

वर्षों से मांग रहे हैं मन्नतें
दवे बताते हैं कि भगवान भोलेनाथ के मंदिर को विधिवत रूप से स्थापित कर शिखर मंदिर बनाने की हमारी योजना है जिसके लिए समस्त ग्रामीण प्रतिवर्ष भगवान से मन्नतें मांगते हैं लेकिन प्रभु इच्छा से आज दिन तक कोई आदेश नहीं हुआ है अगर प्रभु आदेश करेंगे तो बहुत अच्छा मंदिर बनाने की मंशा सभी लोगों की है।

दो दिवसीय होता है आयोजन
दवे के अनुसार प्रतिवर्ष दो दिवसीय आयोजन होता है इस वर्ष भी प्रथम दिन रुद्राभिषेक महापूजा झांकी और 21 फरवरी शुक्रवार रात्रि 8 बजे से भजन संध्या का कार्यक्रम होगा। जिसमे राजस्थान के प्रख्यात व सुप्रसिद्ध भंजन गायक जगदीश वैष्णव एण्ड पार्टी मूॅगाणा सहित राजस्थान के क्ई जाने माने कलाकार अपनी भजनों की सूर सरिता बहायेगें। जबकि दूसरे दिन आसपास के हजारों भक्त महा प्रसाद ग्रहण करने के लिए शिव मंदिर में पधारेंगे। अन्य दान महादान होता है और इसी को सार्थक करते हैं हमारे गांव के तमाम लोग मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं है एक महान यज्ञ है इसमें में भी आहुति लगाता हूं।

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