महिलाओं को वेट ट्रेनिंग से होते हैं ये 7 गजब के फायदे, फिट रहने के लिए आप भी करें रोजाना

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नई दिल्ली:कम से कम समय में अधिक से अधिक लाभ उठाने की सोच रहे हैं? ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं हैं। झटपट लाभ उठाने की  चाहत कोई अपराध नहीं है। इसका सबसे अच्छा तरीका है एक निजी ट्रेनर रखना, जो आपका मार्गदर्शन व देखरेख कर सकता है, ताकि आप वह चुस्ती-दुरुस्ती बनाए रखें, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी है। शरीर को फिट रखने के लिए वेट ट्रेनिंग भी एक कारगर उपाय है। महिलाओं के लिए वेट ट्रेनिंग के प्रमुख लाभों के बारे में बता रही हैं अल्टीमेट परफॉर्मेंस की प्रबंध निदेशक रिद्धि शर्मा :

वजन रहेगा नियंत्रित-
ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि वेट ट्रेनिंग सिर्फ पुरुषों की चीज है। लेकिन यह सच नहीं है। वेट ट्रेनिंग न सिर्फ महिलाओं को शारीरिक रूप से शक्तिशाली बनाने में मदद करती है, बल्कि यह उनके लिए अपने संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का भी सबसे अच्छा तरीका है। इसके जरिये वे अपने शरीर की वसा और वजन को बेहतर ढंग से नियंत्रित रख सकती हैं, ताकि उनके शरीर का आकार ठीक रहे।

शरीर बनेगा सुडौल-
अधिकतर महिलाएं शरीर से वसा कम करने के लिए बुनियादी रूप से कार्डियो पर खास तौर से ध्यान देती हैं। यह वजन कम करने का एक उपयोगी तरीका है। लेकिन वेट ट्रेनिंग कहीं अधिक सटीक और प्रभावी तरीका है। कार्डियो केवल कैलोरी जलाता है, जबकि वेट ट्रेनिंग कैलोरी जलाने के साथ-साथ मांसपेशी ऊतकों का निर्माण भी करता है, जिससे चयापचय की दर बढ़ती है और आपकाशरीर सुडौल बना रहता है।

आएगा छरहरापन और मजबूती-
वजन नियंत्रित करने से संबंधित प्रशिक्षण किसी भी महिला को उसकी मुद्रा (पॉस्चर) सही बनाए रखने में सहायक है। यह मुद्रा में सुधार करने का सबसे अच्छा तरीका है। छरहरा और मजबूत होने पर व्यक्ति अच्छा दिखता है और कपड़े उसको बिल्कुल फिट आते हैं। यह स्थिति उसके महसूस करने के तरीके पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।

मिलेगी मानसिक ताजगी-
‘जेएएमए साइकाइट्री’ में प्रकाशित यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक के वर्ष  2018 के एक अध्ययन से पता चला है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से अवसादग्रस्तता के लक्षणों को दूर करने में मदद मिली। इनमें उतरा हुआ मिजाज, व्यर्थता की भावना और कामकाज के प्रति अरुचि जैसे लक्षण शामिल थे।

हड्डियां बनेंगी मजबूत-
महिलाओं में उम्र बढ़ने, खासकर रजोनिवृत्ति के बाद ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डियों के कमजोर होने संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययनों से पता चला है कि वेट ट्रेनिंग हड्डियों को मजबूत बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस के कारण हड्डियों में आने वाली दरार के खतरों को कम करने का एक प्रभावी उपाय है।

हार्मोन स्तर को रखे संतुलित-
वेट ट्रेनिंग महिलाओं के लिए हार्मोन में असंतुलन से निजात पाने का एक बेहतरीन जरिया हो सकता है। वजन कम होने से आपके शरीर में इंसुलिन की प्रतिक्रिया में सुधार हो सकता है, जिससे तनाव से जुड़े कोर्टिसोल का स्तर नियंत्रित रहेगा। इससे आपके शरीर के ऊतक स्वस्थ रहेंगे। पीसीओएस से पीड़ित अनेक महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध की समस्या पाई गई है। इंसुलिन के स्तर में बढ़ोतरी से हार्मोन असंतुलन की समस्या हो सकती है। वेट ट्रेनिंग इन समस्याओं को कारगर तरीके से दूर कर सकती है।

स्वास्थ्य रहेगा बेहतर-
विभिन्न शोधों में यह पाया गया है कि वजन कम करने से मृत्यु का खतरा कम हुआ है। स्वस्थ रहने और वजन कम करने से व्यक्ति अपेक्षाकृत ज्यादा स्वस्थ और लंबा जीवन जीता है।

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