3 कोऑपरेटिव सोसाइटियों में 17 हजार करोड़ का फ्रॉड

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जयपुर:आदर्श क्रेडिट सोसाइटी ने 8 साल में 20 लाख लोगों से 14682 करोड़ निवेश करवाए। संचालक मुकेश मोदी की पत्नी मीनाक्षी और बेटी प्रियंका के खातों में बतौर सैलरी-कमीशन के 795 करोड़ रु. ट्रांसफर हुए। पूरे परिवार की बात करें तो 990 करोड़ रु. आपस में बांटे गए। हैरानी वाली बात यह है कि प्रियंका को 3 साल में 75 करोड़ रु. वेतन दिया गया। यानी हर माह करीब दो करोड़ रुपए, जबकि देश के सबसे अमीर उद्योगपति रिलायंस ग्रुप के प्रमुख मुकेश अंबानी को हर माह करीब 1.25 करोड़ रु. मिलते हैं।

एसओजी ने राजस्थान की ऐसी 3 क्रेडिट सोसाइटियों आदर्श, संजीवनी और नवजीवन क्रेडिट सोसाइटी के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। भास्कर टीम ने करीब 17 हजार करोड़ का घोटाला करने वाली इन 3 क्रेडिट सोसाइटियों के खिलाफ दायर कुल 96 हजार पेज की चार्जशीट खंगाली तो पता चला कि कैसे जनता का पैसा हड़पने के लिए चालें चलीं।

आदर्श क्रेडिट सोसाइटी ने 28 राज्यों में 806 शाखाएं खोलीं, इनमें से 309 राजस्थान में थीं। लोगों को झांसा दिया कि उनकी निवेश की हुई रकम कंपनियों व लोगों को 22% की ऊंची ब्याज दर पर लोन के रूप में दिया जा रहा है। इस झांसे में आकर 8 साल में 20 लाख लोगों ने 14800 करोड़ रुपए का निवेश सोसाइटी में किया। इनके संचालकों ने रिश्तेदारों के नाम पर ही 45 फर्जी कंपनियां खोलीं और सोसाइटी में निवेश की गई रकम में से 12414 करोड़ रुपए इन्हीं फर्जी कंपनियों को बतौर लोन देना दर्शा दिया। सोसाइटी में लगे लोगों के पैसे से संचालकों ने पूरे देश में संपत्ति खरीदी।

आदर्श के निदेशकों की तनख्वाह मुकेश अंबानी से ज्यादा

देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट समूह माने जाने वाले रिलायंस ग्रुप के प्रमुख मुकेश अंबानी ने अपनी सालाना तनख्वाह 15 करोड़ फिक्स कर रखी है। यानी महीने के 1.25 करोड़ रुपए। उनके बोर्ड में वर्ष 2018-19 में सबसे ज्यादा तनख्वाह पाने वाले निदेशकों को भी सालाना 20.75 करोड़ रुपए मिले। जबकि आदर्श क्रेडिट सोसाइटी में काम कर रही संचालक मुकेश मोदी की पुत्री प्रियंका को तीन साल में 75 करोड़ रुपए बतौर तनख्वाह दिए गए। यानी प्रतिमाह 2 करोड़ रुपए। वहीं मुकेश मोदी के बेटों व अन्य निदेशकों को तीन साल में बतौर तनख्वाह 270 करोड़ रुपए दिए गए। यही नहीं, संचालक की पत्नी मीनाक्षी को तीन साल में लोन के कस्टमर लाने के नाम पर बतौर कमीशन 720 करोड़ का पेमेंट किया गया।

यह देश का सबसे बड़ा कोऑपरेटिव क्राइम

एसओजी की अपराध शाखा के प्रमुख सत्यपाल मिड्‌ढा के मुताबिक, आदर्श क्रेडिट साेसायटी घोटाले में 20 लाख निवेशकों के साथ धोखाधड़ी हुई है। मुझे लगता है कि यह देश का सबसे बड़ा कोऑपरेटिव क्राइम है। चिंताजनक यह है कि संचालक, उनकी पत्नी और बेटी के खातों में ही बतौर वेतन और कमीशन के 790 करोड़ जमा करा लिए गए। 45 फर्जी कंपनियां बनाकर घाेटाला किया गया।

आदर्श क्रेडिट सोसाइटी: 20 लाख निवेशक

  • 40 हजार पेज की चार्जशीट
  • 14682 करोड़ का घोटाला

संजीवनी क्रेडिट सोसाइटी: 2 लाख निवेशक

  • 37 हजार पेज की चार्जशीट
  • 1100 करोड़ का घोटाला

नवजीवन क्रेडिट सोसाइटी: 1.9 लाख निवेशक

  • 19 हजार पेज की चार्जशीट
  • 500 करोड़ का घोटाला

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