फ़िल्म रिव्यू: सुपर-डुपर एक्शन से भरपूर है ‘कमांडो-3’

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विद्युत जमावल की सुपर-डुपर एक्शन के भरपूर डोज से भरी फ़िल्म कमांडो-3 रिलीज हो चुकी है। इसे एक एक्शन फिल्म के साथ ही देशभक्ति का जज्बा जगाने वाली फ़िल्म भी कह सकते हैं। फ़िल्म का निर्देशन आदित्य दत्त ने किया है जबकि विद्युत जमावल, अदा शर्मा, अंगिरा धर एवं गुलशन देवैया ने मुख्य किरदार निभाए हैं।

कहानी: लंदन में रहकर भारत में विस्फोट करके अशांति फैलाने का सपना देखने वाले क्रूर आतंकवादी बराक अंसारी (गुलशन देवैया) को पकड़ने स्पेशल फोर्स का कमांडो नं 1 करण सिंह डोगरा (विद्युत जमावल) और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भावना रेड्डी (अदा शर्मा) लंदन जाते हैं, जहां इनकी मदद करने के लिए पहले से ब्रिटिश इंटेलीजेंस की अधिकारी मल्लिका सूद (अंगिरा धर) व अरमान (सुमित ठाकुर) मौजूद हैं। बराक एक क्रूर आतंकवादी है जो इतना निर्दयी है कि लोगों को बड़ी निर्दयता से मारता है तथा वह चाहता है कि उसका 3-4 साल का मासूम बेटा भी उसी की तरह बने। यहां तक की खून करते हुए अपने बेटे को आंखें खुली रखकर देखने को कहता है ताकि वह बड़ा होकर ऐसे कृत्य को अंजाम देते हुए रहम न करे। वह भारत में अशांति फैलाने के लिए कमर कस चुका होता है तथा यहां अपने लोगों को दशहरे के दिन ब्लास्ट करने के लिए तैयार करता है। इस हमले को नाकाम करने व बराक को पकड़ने के लिए करन सिंह डोगरा लंदन पहुंचता है जहां सभी मिलकर तकनीक के सहयोग से उसके लोकेशन का पता करते हैं। उसे पकड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन नाकाम रहते हैं। करन बराक अंसारी की पत्नी और बेटे जिन्हें उसका आतंकवाद का रास्ता ठीक नहीं लगता, उनका सहारा लेकर उस तक तक पहुंचने की कोशिश करता है लेकिन कामयाब नहीं होता उल्टे बराक अपनी पत्नी की हत्या कर देता है। फ़िल्म आगे बढ़ती है कई मौकों पर विद्युत और बराक का सामना होता है। हर जगह फाइटिंग, गोलीबारी का खूब धमाल दिखता है। जबरदस्त एक्शन और स्पेशल इफेक्ट से भरपूर इस फ़िल्म में विद्युत जमावल के एक्शन देखते ही रह जाएंगे। हालांकि फिल्म देखते समय ज्यादा लॉजिक में न पड़ें वरना, सारा मजा किरकिरा हो सकता है।
निर्देशनः कई फिल्मों का निर्देशन कर चुके आदित्य दत्त का निर्देशन ठीक ठाक है, फिल्म में एक्शन दिखाने के चक्कर में वे ज्यादा लॉजिक के चक्कर में नहीं पड़े हैं। कई सीन काफी अच्छे बन पड़े हैं।
अभिनयः अगर अभिनय पर बात करें तो विद्युत जमावल का एक्शन ही उनका अभिनय है। हालांकि उनके एक्प्रेशन भी काफी अच्छे हैं, लेकिन डायलॉग डिलीवरी और भी स्ट्रांग करने की जरूरत थी। दुर्दांत आतंकवादी के रोल में गुलशन देवैया काफी क्रूर लगे हैं। स्मार्ट शक्ल में परदे पर उनकी क्रूरता देखते ही बनता है। हैदराबादी लड़की भावना रेड्डी के रोल में अदा शर्मा की संवाद आदायगी काफी दिलचस्प है। हैदराबादी टच वाली उनकी हिन्दी काफी इंट्रेस्टिंग है। ब्रिटिश इंटेलीजेंस की अधिकारी के किरदार में अंगिरा बड़ी प्यारी नजर आई हैं। इन दोनों ही अभिनेत्रियों ने हाव-भाव से तो दिल जीता ही है, इनके मारधाड़ और एक्शन ने भी जबरदस्त प्रभावित किया है। अरमान के किरदार में सुमित ठाकुर सामान्य रहे हैं। बाकी कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों को अच्छे निभाया है।
गीत-संगीतः कमांडो-3 मूलतः एक्शन फिल्म है, इसमें गीत-संगीत का कोई खास महत्व नहीं रहा है। 4 गाने हैं, जो सामान्य हैं।
विद्युत जमावल, अदा शर्मा व अंगिरा के एक्शन के लिए यह फिल्म एक बार जरूर देखें, निराश नहीं होंगे। फिल्म में देशभक्ति का जज्बा भी मिलेगा। हालांकि लॉजिक के चक्कर में पड़ना ठीक नहीं होगा। कुल मिलाकर एक सामान्य फिल्म को विद्युत जमावल के एक्शन ने लाजवाब बना दिया है।

सुरभि सलोनी की तरफ से फिल्म को 3.5 स्टार।
दिनेश कुमार ([email protected])

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