फिल्म रिव्यूः टोनी

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फिल्म ‘टोनी’ एक क्राइम बेस्ड सस्पेंस फिल्म है। जिसमें कुछ युवाओं के पागलपन और एक साइको के खुद को ऊपर वाले का एजेंट बताकर लोगों के मर्डर करने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म का निर्देशन विपुल के. रावल ने किया है। फिल्म में यशोधन राणा, मनोज चंडालिया, ध्रुव सोरन, महेश जिलोवा, जीनल बेलानी एवं कबीर चिलवाल की मुख्य भूमिका है।
कहानीः कॉलेज के कुछ स्टूडेंट मार्टिन (ध्रुव सोरन), कार्तिक (कबीर चिलवाल), काम्या (जीनल बेलानी) तथा आशीष (महेश जिलोवा) अपना प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए कुछ नया और रीयल करना चाहते हैं। हालांकि यह सब आशीष को अच्छा नहीं लगता लेकिन प्रोफेसर के आदेश की वजह से वह भी इनके साथ लग जाता है। इसी के चलते वे एक चर्च के कन्फेशन बॉक्स में पेन कैमरा फिट करते हैं, जिसमें सीरियल किलर टोनी (यशोधन राणा) के कन्फेशन रिकार्ड हो जाते हैं। उस वीडियो के जरिए वे टोनी को मिलने को मजबूर करते हैं। टोनी से मिलने के बाद वे उससे इतना प्रभावित होते हैं कि मर्डर में उसका साथ देने लगते हैं। जैसा कि यह एक थ्रिलर फिल्म है तो इसमें कई सस्पेंस, मर्डर देखने को मिलेंगे। सस्पेंस फिल्में देखने के शौकीन लोगों के लिए यह अच्छी फिल्म हो सकती है।
निर्देशनः विपुल के. रावल का निर्देशन बढ़िया रहा है। फिल्म अंत तक दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब रही है। एक-एक मर्डर बेहद अच्छा फिल्माया गया है और अंत सस्पेंस बनाए रखने में भी कामयाब रहे हैं।
अभिनयः एक सीरियल किलर के रोल में यशोधन राणा ने बढ़िया अभिनय किया है। उनका हाव-भाव, चलने, उठने-बैठने का तरीका लाजवाब है। मनोज चंडालिया इंस्पेक्टर के रोल में ठीक हैं। स्टूडेंट मार्टिन के रोल में ध्रुव सोरन अच्छा कर गए हैं। महेश जिलोवा, जीनल बेलानी व कबीर चिलवाल भी ठीक-ठाक रहे।
कुल मिलाकर फिल्म ठीक-ठाक है। क्राइम थ्रिलर देखने के शौकीन लोगों के लिए एक और फिल्म है।

सुरभि सलोनी की तरफ से फिल्म को 3 स्टार।
दिनेश कुमार ([email protected])

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