“सफलता के खुले राज” पर सफल आयोजन

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मुंबई। अनुभव और ज्ञान को साझा करने के लिए , सदस्यो को गतिशील बनाने हेतु क्वार्टर सर्कल फॉर्मऑफ इंडिया (QCFI) ने एक शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया है जो हर तिमाही में आयोजित किया जाएगा । “सफलता के खुले राज” एक विषय है जिसे इन कार्यक्रमों में लिया जाता है इसी तरह का एक कार्यक्रम 23 नवंबर 2019 को जेट हॉस्टल , आशीष थिएटर के पास चेंबूर मुंबई में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संकाय सदस्य के रूप में श्री सपन कुमार बर्धन बीई (सिविल)टीक्यूएम लीड एसेसर , परामर्शदाता, लेखक होने के साथ ही क्यूसीएफआई गवर्निंग काउंसिल के सदस्य है जिन्होंने ” अनफॉल्डिंग सक्सेस” बुक भी लिखी है जिसकी कई प्रतियां अल्प समय में ही बिक चुकी है । श्री सपन कुआर बर्धन ब्रह्माकुमारी ग्रुप और महावीर इंटरनेशनल पनवेल के फाउंडर चेयरमैन भी रहे है। बुक लिखने के पश्चात श्री बर्धन ने एक बेहतर राष्ट्र और खुशहाल विश्व के निर्माण के लिए अपने ज्ञान और समृद्ध अनुभव को साझा करने की शुरुआत की है । श्री सपन बर्धन के संबोधन के दौरान बताया कि कम बोलो, धीरे बोलो, मीठा बोलो, सच बोलो ,और सोच कर बोलो , उनका मूल मंत्र है।
उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि प्रभावशीलता और दक्षता व्यक्ति की मांग के अनुसार बढ़ती रहती है और इसे बनाए रखने के लिए हमें काम ,क्रोध, लोभ,मोह,और ईर्षा से दूर रहना चाहिए । सत्र के दौरान “समय प्रबंधन”, हमारी सोच ,हमारे व्यवसायिक, सामाजिक और व्यक्तित्व के जीवन का भाग्य निश्चित करते है ।इन विषयो पर भी चर्चा की गई ।गलतियों की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए और सुधारक और निवारक उपाय अनिवार्य रूप से किए जाने चाहिए ।
सर्वथा त्रुटिमुक्त होने का अर्थ है हम हमेशा ईश्वर जैसा बनना चाहते है।
तनाव मुक्त होने के लिए एक सहज संस्कृति के सृजन के लिए अपनी ताकत और कमजोरियों के आंकलन के लिए परमात्मा के शरण में स्वयं को पूर्णतया समर्पित करें ताकि सदैव शांत और खुश रहे और मुस्कराते हुए हम आध्यात्मिक जीवन जी सकें।
सहभागियों की प्रतिक्रियाओं के अंतर्गत कहा गया कि कार्यक्रम काफी उत्साह वर्धक रहा। पहली बार उन्होंने इतना लाभदायक संबोधन सुना है कि क्यूसीएफआई के गवर्निंग काउंसिल सदस्य श्री अरुण थात्रे ने कहां है कि जो कुछ और सुना गया है यदि उसका 50% भी अनुपालन किया जाए तो भी जीवन पूर्णता सफल हो सकता है और इसकी शुरुआत स्वम् के घर से करनी चाहिए। क्यूसीएफआई काउंसिल के दूसरे सदस्य श्री एस आर पांडे ने कहा कि जो कुछ भी कहा गया वह सत्य है जीवन का दर्पण है ।
साथ ही उन्होंने कहा जीवन से मृत्यु की अवधि काफी छोटी होती है और जो हमें अपने और दूसरों की खुशी के लिए जीना चाहिए। श्री जितेंद्र गुप्ता के मतानुसार उन्होंने सत्र में साझा करना सीखा है जो हम देंगे वहीं हमें वापस मिलेगा ।
श्री आर आर यादव ,आरसीएफ लिमिटेड ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन की एक महत्वपूर्ण बात सीखी की है कि हमें जीवन में सफल होने के लिए स्पष्ट और सच की राह पर चलना जरूरी है ।
श्री अशोक उपाध्याय ने कहा कि हम इस सत्र में उपस्थित रहकर उन्हें अपनी परेशानी दूर करने की राह मिली है।
एएसएआई इंडस्ट्रीज के श्री धीरेंद्र मिश्र ने सत्र में की गई चर्चा के विभिन्न पहलुओं कोअपने अनुभव को जोड़कर अपने विचार व्यक्त किए। आनंद मिएज्कार -सेंचूरी रेयान ने कविता के माध्यम से विचार व्यक्त किया कि जीवन छोटा है और इसे व्यर्थ में ही गवाया नहीं जा सकता है। श्री प्रकाश शेटे ने कहा कि उन्हें स्वयं को ईश्वर के प्रति समर्पित करने और आपने नए व्यवसाय के बढ़ाने की प्रेरणा मिली है । श्री सपन बर्धन का लक्ष्य है कि वे ऐसे कई कार्यक्रम करना चाहते हैं, विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए ताकि उनके उज्जवल और खुशनुमा भविष्य का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन हेनरी सैमुएल ने किया। यह जानकारी टीसी बाफना ने प्रेषित की।

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