वसई में “स्व से शिखर तक” कार्यशाला का आयोजन

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वसई। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा निर्देशित मुंबई महिला मंडल के तत्वधान में आचार्य महाश्रमण जी के  सुशिष्य मुनिश्री जिनेशकुमारजी एवं मुनिश्री  परमानन्दजी  के सानिध्य में तेरापंथ महिला मंडल वसई  द्वारा आयोजित “स्व से शिखर तक” कार्यशाला का आयोजन 17 नवंबर 2019 को वसई सभा भवन पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुनिश्री परमानन्दजी ने किया।
कार्यशाला की शुरुआत महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण से की गई। महिला मंडल द्वारा चौबीसी का संगान किया गया। सभा अध्यक्ष मोहन लालजी गुंदेचा ने पधारे हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। महिला मंडल संयोजिका अनिता बापना  ने सभी का स्वागत व अभिनंदन किया और स्व से शिखर तक पहुंचने के अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा की उनका यही सपना था कि वसई महिला मंडल कुछ अचीव करें और यह उन्होंने मात्र 3 महीनों में ही पूरे महिला मंडल के सहयोग से उनका सपना साकार हो गया। वसई महिला मंडल को मुंबई महिला मंडल की तरफ से एक ट्रॉफी मिली।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता श्री करुणा कोठारी ने स्व से शिखर तक पहुंचने में आने वाले बाधक तत्व जैसे पॉजिटिव एवं निगेटिव विचारों को प्रयोग के माध्यम से समजाया। स्वान्त सुखाय (Be happy ) बनें। जलन भावना का त्यागकर खुश रहें। 5 तत्वों से बने इस शरीर के माध्यम से स्व की यात्रा कैसे करें उसकी जानकारी दी और I, Me, Myself के बारे में समझाया।
मुनिश्री जिनेशकुमारजी ने महती बहुत ही ज्ञानवर्धक बातों से सभी को लाभान्वित किया जिसमें मुख्य बातें बताते हुए कहा कि हमें लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए अपनी संकल्प शक्ति दृढ़ रखनी चाहिए। जीवन में कुछ नियम बनाने चाहिए।  हमे पुरुषार्थ के साथ कष्ट सहीषणु भी बनना चाहिए।जिससे हम कितनी भी विकट परिस्थितियों में विजय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चींटी की दिशा ओर पानी का बहाव अपना मार्ग खोज ही लेती है और निरन्तर लक्ष्य की ओर गति करते हुए हमें स्व से शिखर तक बढ़ने का सुंदर उदाहरण दिया। हमे सकारात्मक के साथ जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
मुनिश्री जी ने कहा अपने लिए समय निकालें जैसे प्रतिदिन सामायिक,जप, ध्यान,प्रवचन श्रवन करने का भाव रखें। मुनिश्री परमानन्दजी ने महती कृपा कर इस कार्यशाला को सुचारू रूप से व्यवस्थित ढंग से संपादित किया। अंत में महिला मंडल सह संयोजिका श्री सुनीता सिंघवी ने सभी का आभार ज्ञापन किया एवं मुनिश्री जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन की जब हमने दर्शन किए  तो उन्होंने हमारे विनम्र अनुरोध करने पर हमें कार्यशाला करने की अनुमति दी। सह संयोजिका चंदा गोखरू ने भी आभार ज्ञापन किया।

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