शिवसेना राज्यपाल से न्योता मिलने के बाद एनसीपी और कांग्रेस की मदद से सरकार बनाने की तैयारी में

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मुंबई: भाजपा के इनकार के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने रविवार शाम राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना से सरकार बनाने का न्योता दिया। महाराष्ट्र के नतीजे सामने आने के 17 दिन बाद अब शिवसेना सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। राकांपा ने कहा कि अगर शिवसेना एनडीए से अलग हो जाती है, तो हम उसे समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं। इन स्थितियों में सोमवार को शिवसेना केंद्र में अपने एकमात्र मंत्री अरविंद सावंत के इस्तीफा देने का ऐलान कर सकती है। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से संपर्क में हैं। वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं।

संजय राउत ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कही है और अगर उन्होंने कहा है तो हर कीमत पर महाराष्ट्र में शिवसेना का सीएम बनेगा।

राकांपा ने कहा- हमारी नीति, देखो और इंतजार करो
राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने रविवार को कहा, “पहले शिवसेना को एनडीए से बाहर निकलना पड़ेगा। नरेंद्र मोदी सरकार में उनके सांसद अरविंद सावंत मंत्री हैं। जब तक शिवसेना एनडीए नहीं छोड़ती, तब तक हम देखो और इंतजार करो की नीति पर चलेंगे।” हालांकि, मलिक ने कहा कि अब तक शिवसेना से इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है।

पवार सीधे सोनिया गांधी के संपर्क में- सूत्र
सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार महाराष्ट्र के सियासी हालात को देखते हुए सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संपर्क में बने हुए हैं। एनडीए से शिवसेना नाता तोड़ने का ऐलान करती है तो इसके बाद संजय राउत दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

उद्धव सीएम हो सकते हैं, डिप्टी सीएम राकांपा का- सूत्र
सूत्रों ने बताया- राज्यपाल ने शिवसेना को संख्याबल के बारे में जानकारी देने के लिए सोमवार शाम 7:30 बजे तक का वक्त दिया है। ऐसे में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे खुद सत्ता का समीकरण बनाने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि गठबंधन की स्थिति में उद्धव खुद महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं और उप-मुख्यमंत्री व गृह मंत्री का पद एनसीपी के खाते में जा सकता है। शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे हैं। लेकिन, उद्धव के नाम पर किसी को ऐतराज नहीं होगा.. यह साफ है।

1999 में कांग्रेस व एनसीपी ने ऐसे ही हालात में राज्य में सरकार का गठन किया था जिसके बाद दोनों दल 15 साल तक सत्ता में रहे।

भाजपा ने कहा- सरकार गठन में साथ न देकर शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया
सरकार गठन से इनकार के बाद भाजपा चंद्रकांत पाटिल ने कहा- राज्यपाल ने नई सरकार के गठन के लिए भाजपा को न्योता दिया था। शिवसेना ने जनादेश का निरादर करते हुए अनिच्छा जाहिर की। हमने राज्यपाल को बता दिया है कि हम सरकार नहीं बनाएंगे। शिवसेना को जनादेश का अपमान करके अगर कांग्रेस और राकांपा के साथ सरकार बनानी है तो हमारी शुभकामनाएं।

कांग्रेस ने कहा- शिवसेना के साथ नहीं जाएंगे
महाराष्ट्र कांग्रेस ने विधायक दल का नेता चुनने का फैसला कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है। साथ ही पार्टी ने तय है कि सरकार बनाने के लिए वह शिवसेना के साथ नहीं जाएगी। जयपुर में रविवार को हुई महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें तय किया गया कि कांग्रेस का एनसीपी के साथ गठबंधन जारी रहेगा।

राकांपा-कांग्रेस को सरकार बनाने बुलाया जाए: देवड़ा

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने रविवार को कहा- राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राकांपा-कांग्रेस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। महाराष्ट्र में सबसे बड़े दल भाजपा की तरफ से सरकार बनाने में असमर्थता जताने के बाद उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने कहा- जब भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने सरकार बनाने में असर्मथता जता दी है, तो राकांपा-कांग्रेस को सरकार बनाने का आमंत्रण मिलना चाहिए।

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