जन्मदाता का जीवन में महत्व को समझा गया ‘बाग़बान’

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डोम्बिवली: सोमवार को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद डोम्बिवली के अध्यक्ष ललित सिंघवी और मंत्री सुरेश बैद के नेतृत्व में कल्याण स्थित अत्रे रंगमन्दिर के प्रांगण में शांतिदूत महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण की शिष्या समणी डॉ.निर्वाण प्रज्ञा जी, समणी डॉ.प्रगतिप्रज्ञा जी एवं समणी मध्यस्त प्रज्ञा जी के सानिध्य में माता-पिता को पूर्णतः समर्पित बाग़बान कार्यक्रम का शानदार आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में अभातेयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कटारिया, उपाध्यक्ष मुकेश गुगलिया महामंत्री संदीप कोठारी, कोषाध्यक्ष नवीन बेगानी, परिषद प्रभारी मनोज संकलेचा, क्षेत्रीय सहयोगी जगदीश परमार, तेरापंथी सभा मुम्बई अध्यक्ष नरेंद्र तातेड़, मंत्री विजय पटवारी, महासभा सह मंत्री रमेश सुतरिया की विशेष उपस्थिति रही। समणी डॉ निर्वाण प्रज्ञा जी ने भारतीय संकृति की पहचान ही परंपरा हैं। जैन व्यक्ति की पहचान उनके संस्कार हैं। बदलते दौर में भी अपने संस्कारों को बनाये रखें। क्योंकि अपने मूल को छोड़ कर हमें कुछ नही मिलेगा। सुप्रसिद्ध संगीतकार विकी पारेख ने अपने ही चिरपरिचित अंदाज़ में लोगों का अपने गीतों के माध्यम से दिल जीता।
तेयुप अध्यक्ष ललित सिंघवी ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिनदंन करते हुए कहा कि गुरुदेव की कृपा से हमेशा हममें ऊर्जा का संचार होती रहती है यही वजह है कि नए आयामों को करने में हम कामयाब होते हैं। बाग़बान कार्यक्रम उसी की उपज है कि हमने अपने जन्मदाता के लिए पूर्णतः समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का लक्ष्य अपने जन्मदाता के श्रम और त्याग को याद करना। साथ ही माता-पिता का जन्म दिवस जैन संस्कार विधि से सामूहिक तौर पर मनाना। यही नही इस आयोजन के माध्यम से जैन संस्कार विधि के महत्व को लोगोंं तक सीधे पहुचाने की एक कोशिश की गई। डोम्बिवली सभा अध्यक्ष सुरेश सिंघवी नेे कहा कि भौतिकवादी युग में भी इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करना सराहनीय कार्य हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत नवकार महामंत्र के उच्चारण के साथ हुआ। दीपानंदन भक्ति ग्रुप द्वारा मंगलाचरण गीतिका का संगान किया गया। बाग़बान कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कटारिया ने किया। बाग़बान के संयोजक भरत कोठारी, दिलीप बडाला, राकेश एच कोठारी, विनोद सिंघवी ने बड़े ही कुशलतापूर्वक मंच का संचालन किया। विनोद सिंघवी ने जैन संस्कार विधि की विस्तार पूर्वक जानकारी श्रावक समाज के सम्मुख रखा। जैन संस्कार विधि से सभी प्रायोजकों के शादी की सालगिरह मनाई गई। जैन संस्कारक के रूप में मनोज संखलेचा एवं शौरभ जैन थे। साथ ही कन्या एवं किशोरों द्वारा सुंदर फरफार्मेन्स दी गई। वहीं तेयुप के अब तक के सफर में जितने अध्यक्ष मंत्री बने उनका मोमेंटो के माध्यम से सम्मानित किया गया।
इस आयोजन के मुख्य प्रयोजक श्रद्धा की प्रतिमूर्ति स्वर्गीय श्रीमती मोहनी देवी भेरूलाल परमार, रेखा जगदीश परमार एवं परिवार एवं आतिथ्य प्रयोजक के रूप में श्रीमती राजी देवी बंसीलाल जी चोरडिय़ा परिवार एवं स्वागताअध्यक्ष श्रीमती बसंती देवी शांतिलाल जी सिंघवी परिवार था। विशेष सहयोगी के रूप में देवीलाल सुरेश सिंघवी, नरेश मेहुल मादरेचा, ललिता ओमप्रकाश बाफना, श्रीमती सकुन्तला देवी स्वर्गीय श्री चांदमल मादरेचा परिवार था। मीडिया प्रयोजक श्रीमती पानी देवी स्वर्गीय श्री भेरूलाल सोनी परिवार। साथ ही इस आयोजन में सहयोगी के रूप श्रीमती कंचन बाई सोहनलाल सिंघवी, श्री किशनलाल प्रकाश चंद कच्छारा, श्रीमती सरोज देवी कन्हैयालाल बैद, हितेश, दिलीप बडाला, श्रीमती सुधा कैलाश सियाल, श्रीमती लक्ष्मी देवी स्वर्गीय देवीलाल सिंघवी, श्री अनिल संपत लाल चंडालिया, श्रीमती रंभा देवी हस्तीमल कोठारी, श्रीमती कमल देवी गणेश लाल गुंदेचा, श्री दिनेश सुरेश श्री श्रीमाल, कमला देवी शांतिलाल कोठारी, भंवरलाल मनीष कोठारी, भेरुलाल राठौड़, स्वर्गीय शुशीला देवी लालचंद मादरेचा, श्रीमती अंजना देवी सुंदरलाल सिंघवी, श्रीमती संगीता संजय कोठारी, मोतीलाल सिंघवी आदि का सहयोग मिला।
इस अवसर पर मुंबई सभा उपाध्यक्ष भगवतीलाल पटवारी, महेश बाफना, गौतम डांगी, दीपक समदरिया, राजेश कोठारी, भूपेश कोठारी, संजय बोथरा, नरेश चपलोत, नरेश सोनी, प्रकाश कच्छारा, सोहनलाल सिंघवी, निर्मला चंडालिया, अजय भंसाली, पूर्व तेयुप अध्यक्ष मंत्री, महिला मंडल, कन्यामण्डल, किशोर मंडल, राकेश कोठारी आदि की उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सम्पूर्ण तेयुप टीम का विशेष योगदान रहा। तेयुुुप मंत्री सुरेश बैद ने सभी के प्रति आभार ज्ञापन करते हुए अपने भावों को व्यक्त किया।

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