बीजेपी-शिवसेना गठबंधन अभेद्य : फडणवीस

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मुंबई:चार साल तक दुश्मनों की तरह लड़ने और एक दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका न छोड़ने वाली शिवसेना-बीजेपी में इन दिनों मेल-मिलाप का दौर चल रहा है। जो उद्ध‌व ठाकरे ‘एकला चलो’ के लिए शिवसैनिकों में जोश भरते थे और जो फडणवीस ‘तुम्हारे बिना’ भी की घोषणा करके बीजेपीइयों को संतुष्ट करते थे अब एक साथ उन्हें समझाने-बुझाने में जुटे हैं। दोनों पार्टियों के संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलनों में दोनों नेताओं की जुबान से शब्दों की चाशनी टपक रही है। शुक्रवार को ऐसे ही दो कार्यक्रम हुए। जिसमें फडणवीस ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा और उद्धव ने कहा कि हमने गठबंधन करके होश का काम किया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने भाषण से जोश भरते हुए कहा, बीजेपी-शिवसेना गठबंधन अभेद्य है। लाख तोड़ने की कोशिशों के बाद भी यह टूटने वाली नहीं है। यह फेविकॉल का जोड़ है। यह सिर्फ चुनाव के लिए नहीं है, सत्ता के लिए नहीं है, यह विचारों का गठबंधन है। इसलिए गठबंधन टिका है और भविष्य में भी टिका रहेगी। सत्ता आएगी, जाएगी परंतु देश महत्वपूर्ण है। यह नया भारत है। यह घुसेगा भी और ठोकेगा भी।
फडणवीस ने कहा कि पिछली बार 42 सीटें जीती थीं लेकिन यह हमारा रेकॉर्ड नहीं था, रेकॉर्ड तो 2019 में बनाना है। पूरी ताकत से पूरा महाराष्ट्र भगवा किए बिना नहीं रहेंगे। लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं पिछले पांच साल में चलाई हैं, क्योंकि चुनाव में जीत से ज्यादा लोगों के चेहरे पर मुस्कान ज्यादा आनंद देती है। कल तक जो नामुमकिन था, अब वह मुमकिन है! यह विश्वास अब लोगों में पैदा हो गया है।
वहीं, उद्ध‌व ठाकरे ने अपने भाषण में शिवसैनिकों के समक्ष ‘गठबंधन क्यों’ पर सफाई दी। उद्धव ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज भी नरेंद्र भाई कहता हूं। गठबंधन में रहकर भी हमारा जो संघर्ष हुआ उसने विकास को कभी रुकने नहीं दिया। जनता के मुद्दे उठाए और हल करवाए। शिवसेना ने जो मुद्दे उठाए वह व्यक्तिगत नहीं थे। देश के भले के लिए एक साथ आए हैं, वर्ना कौन सिर पर चढ़कर बैठ जाता, कुछ नहीं सकते। गठबंधन नहीं होता, तो किसका फायदा होता। आतंकवादियों के सामने झुकने वाली पहले जैसी सरकार नहीं चाहिए। पहले हिंदू होना गाली बन गई थी। मैं शिवसेना-बीजेपी नहीं पहचानता, मैं सिर्फ भगवा पहचानता हूं। हिंदुत्व का सम्मान करने वाला प्रधानमंत्री चाहिए।’

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