कॉल ड्रॉप रोकने के लिए ट्राई ने उठाया बड़ा कदम

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नई दिल्ली:टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) अगले महीने से देश भर के कॉल ड्रॉप (Call Drop) और नेटवर्क में कमजोरी वाले इलाकों में विशेष अभियान शुरू करेगा। मार्च के आखिर तक अलग-अलग जगहों के आंकड़ों को जुटाकर उनकी समीक्षा की जाएगी। समीक्षा में बाद कमी पाए जाने पर उनके सुधार के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे।

ट्राई चेयरमैन राम सेवक शर्मा ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि अक्तूबर 2017 से अब तक 126 शहरों में कॉल ड्रॉप के टेस्ट किए हैं। कुछ और टेस्ट के बाद उन नतीजों की गहन समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नए नियम भी बनाए जाएंगे ताकि लोगों को कॉल ड्रॉप से मुक्ति मिले। उन्होंने कहा कि मोबाइल सिग्नल के लिए गैर कानूनी तरीके से लगाए गए सिग्नल बूस्टर भी मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। वे कॉल ड्रॉप के साथ साथ इंटरनेट स्पीड को प्रभावित कर रहे हैं।

ट्राई प्रमुख के मुताबिक पिछले सवा साल में देशभर के हाईवे और रेलवे नेटवर्क पर रूटवाइज टेस्टिंग चल रही है। बड़े शहरों में कॉल ड्रॉप की दिक्कत को लेकर 5-6 दिन तक लगातार 200-300 किलोमीटर तक टेस्टिंग की जा रही है। इन सभी आंकड़ों की समीक्षा की जाएगी।

ऐसे होती है कॉल ड्रॉप की चेकिंग
ट्राई के अधिकारी कॉल ड्रॉप और इंटरनेट स्पीड के आंकड़े तीन तरह से पता करते हैं।
1. सभी ऑपरेटरों के नेटवर्क में एक मशीन लगी होती है जो किसी भी समय सिस्टम में कॉल ड्रॉप और नेटवर्क की समस्या के आंकड़े विभाग को पहुंचाती है।
2. ट्राई का मोबाइल एप स्पीड भी अलग-अलग जगहों के आंकड़े उसे मुहैया कराता रहता है।
3. देश भर में ट्राई की टीम एक मशीन कार में लेकर जाती है या ट्रेन में लगाकर चलती है। उस मशीन में 10-12 फोन लगे होते हैं। वह फोन उस इलाके में सिग्नल के हालात बताते रहते हैं। साथ ही कॉल ड्रॉप के आंकड़े भी मशीन दर्ज करती है।
ट्राई करता है ऑपरेटरों पर कार्रवाई
आंकड़ों को परखने के बाद ट्राई उनके लिए जिम्मेदार ऑपरेटर्स पर कार्रवाई भी करता है। साथ ही उन वजहों का भी पता लगाता है जिसके कारण सिग्नल खराब हुए हैं।

नेटवर्क बिगाड़ रहे अवैध बूस्टर
ट्राई के मुताबिक निजी तौर पर लोगों द्वारा लगाए गए अवैध सिग्नल बूस्टरों से बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। इन बूस्टरों से अगर किसी जगह सिग्नल बढ़ता है तो आसपास के इलाकों के सिग्नल में गड़बड़ी भी आती है। कई बार ऑपरेटर की तरफ से सेट की गई फ्रीक्वेंसी के सिग्नल में गड़बड़ी आ जाती है नेटवर्क बिगड़ जाता है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक बूस्टर ने कहीं पर यदि 2 जी सिग्नल को बढ़ा देता है तो वह 3जी, 4जी जैसे दूसरे के सिग्नल को बिगाड़ भी देता है।
दूरसंचार विभाग भी सख्त हुआ
अवैध बूस्टर्स के कारण नेटवर्क बिगड़ने की घटनाओं पर दूरसंचार विभाग भी सख्त हो गया है। हाल ही में विभाग ने 150 से ज्यादा इलाकों से बूस्टर्स जब्त किए हैं और लोगों को नोटिस जारी किए हैं। आने वाले दिनों में विभाग की अवैध बूस्टर पर बड़ी कार्रवाई करेगा।

कंपनियां लगा सकती हैं बूस्टर
बूस्टर लगाने का अधिकार केवल टेलीकॉम कंपनियों को है। सिग्नल खराब होने पर व्यक्ति को अपने सर्विस प्रोवाइडर से शिकायत करनी चाहिए और उसका दायित्व है कि वह शिकायत दूर करे।

कहां मिलते हैं अवैध बूस्टर
ई-कॉमर्स वेबसाइट पर 400 रुपये लेकर 15 हजार तक में बूस्टर बिक रहे हैं। इसमें एक बाह्य एंटीना और एक बूस्टर या एंप्लीफायर होता है। दूरसंचार विभाग ने वाणिज्य मंत्रालय को भी इनकी बिक्री पर रोकने के लिए चिट्ठी लिखी है।

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