World Cancer Day 2019 : जरूरी नहीं कैंसर वाला हो हर सिस्ट

0
7

शरीर में एक या ज्यादा सिस्ट हैं, यह सुनते ही मन घबरा उठता है। कई तरह की आशंकाएं मन में उठने लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्त्री या पुरुष में से किसी को भी हो सकता है और इसकी पहचान होने के बाद इसका उपचार करना आसान हो जाता है। सिस्ट के बारे में विस्तार से बता रही हैं स्पर्धा रानी

शरीर में किसी भी अनचाही चीज का बढ़ना परेशानी उत्पन्न करता है। शरीर में सिस्ट की मौजूदगी के मामले में सबसे बड़ा डर होता है कि यह कैंसर युक्त तो नहीं है या ठीक होगा भी या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादातर सिस्ट कैंसरकारी नहीं होते। सिस्ट शरीर के भीतर झिल्ली में बंद एक कैप्सूल या थैली की तरह होता है, जिसके अंदर तरल द्रव, वसा या गाढ़ा सा पदार्थ होता है। सिस्ट, टिश्यू (ऊतक) के अंदर उत्पन्न होता है, जो शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। यह छोटे दाने से लेकर गेंद के आकार तक का हो सकता है। बहुत बड़े सिस्ट अंदरूनी अंगों पर असर डालने लगते हैं। सिस्ट की झिल्ली बिल्कुल अलग होती है। सिस्ट के बाहरी हिस्से को सिस्ट वॉल कहा जाता है। यदि थैली पस से भरी हुई है तो यह सिस्ट नहीं, बल्कि एक फोड़ा है। ज्यादातर सिस्ट, मुलायम होते हैं, जो शरीर से पानी बाहर निकलने की प्रक्रिया में रुकावट आने की वजह से बनते हैं। कुछ सिस्ट ट्यूमर के अंदर बन जाते हैं, यह घातक हो सकते हैं, जैसे केराटोसिस्ट और डरमॉएड सिस्ट। ऐसे में सही उपचार बेहद जरूरी होता है।

कैसे पहचानें : सिस्ट के संकेत और लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि सिस्ट किस तरह का है। कई मामलों में, व्यक्ति को शरीर के हिस्से में असामान्य गांठ के बारे में पता चलता है, खासकर त्वचा के सिस्ट के मामलों में सिस्ट त्वचा के ठीक नीचे होता है। स्तन के हिस्से में इसकी पहचान छूकर भी हो जाती है। स्तन में होने वाले सिस्ट अधिकतर दर्द देने वाले होते हैं। मस्तिष्क में कुछ सिस्ट सिरदर्द का कारण बनते हैं। किडनी और फेफड़ों में होने वाले कई अंदरूनी सिस्ट के कोई लक्षण नहीं होते, जब तक कि कैट स्कैन, एमआरआई स्कैन या अल्ट्रासाउंड से जांच नहीं होती।

क्या है इलाज : सिस्ट का इलाज विभिन्न तथ्यों पर निर्भर करता है। बहुत बड़े आकार के सिस्ट को हटाने के लिए सर्जरी ही करनी पड़ती है। कई बार, डॉक्टर कैविटी में सुई या कैथेटर डालकर सिस्ट को निकालने का निर्णय ले सकते हैं। यदि सिस्ट तक आसानी से नहीं पहुंचा जाता है तो इसे रेडियोलॉजिक इमेजिंग की मदद से निकाला जाता है और डॉक्टर लक्षित क्षेत्र में सुई या कैथेटर को डालता है। कई दफा, डॉक्टर कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने के लिए एस्पिरेटेड द्रव का परीक्षण माइक्रोस्कोप के नीचे करते हैं। यदि डॉक्टर को संदेह रहता है कि सिस्ट कैंसर युक्त है तो इसे सर्जरी के जरिए हटाया जाता है या वे कैप्सूल (सिस्ट वॉल) के लिए बायोप्सी करने का भी निर्देश दे सकते हैं। अगर सिस्ट किसी पुरानी बीमारी या शरीर में किसी अन्य गड़बड़ी की वजह से बना है, जैसा कि फाइब्रोसिस्टिक स्तन रोग या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में होता है, तो फिर उपचार के तौर पर पहले वह बीमारी दूर की जाती है।

क्यों होता है सिस्ट ट्यूमर, आनुवंशिक स्थिति, संक्रमण, विकासशील भ्रूण के अंग में दोष, कोशिकाओं में दोष, पुरानी सूजन की स्थिति, शरीर में नलिकाओं की रुकावट, जो तरल पदार्थ के एक जगह जमा होने का कारण बनती है, चोट

सिस्ट की दीवार बताती है कैंसर का पता सिस्ट की प्रकृति को रेडियोलॉजी के माध्यम से देखा जाता है। यदि सिस्ट की दीवार मोटी या ठोस है। उसके अंदर रक्त का संचार बहुत ज्यादा है या फिर छोटे- छोटे सिस्ट दिख रहे हैं तो वाकई में यह गंभीर बात है। यह भी जानना जरूरी है कि हर सिस्ट सौम्य या घातक नहीं होता। पर हो सकता है कि आगे यह नुकसान करे। सिस्ट की दीवार से ही बायोप्सी करके यह पता चलता है कि वह कैंसर युक्त है या नहीं। (डॉ. तपस्विनी प्रधान, सीनियर कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑन्को सर्जन, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग, नई दिल्ली)

Thanks:www.livehindustan.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)