जिम्मेदारों की कृपा से भ्रष्टाचारी काट रहे मलाई आयुक्त का आदेश सीएमओ कार्यालय में दिख रहा बेअसर

 – मलाई के बदले , चुनिन्दा फर्मों पर बरसाई कृपा , एक करोड़ की लगायी चपत 

 – चीफ फार्मासिस्ट अजय मिश्रा की भूमिका प्रकरण में संदिग्ध 

 – डा० सी०एल० कन्नौजिया व डाo जय सिंह ने प्रकरण में खूब लगाए गोते , दोनों जाँच एजेन्सी की रडार पर

 

बस्ती उत्तर प्रदेश:- जनपद में स्वास्थ्य विभाग अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में बना रहता है चाहे वह फर्जी नियुक्ति का मामला हो या दवाओं के आपूर्ति में घोटाला, संविदा कर्मचारियों के पी॰एफ॰ का घोटाला, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना घोटाला या फिर चिकित्सकों की सम्बद्धता का खेल। वर्तमान में अपर जिला अधिकारी की जाँच में एक करोड़ पाँच लाख का नया घोटाला सामने आया है जिसको लेकर जनपद में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व की जाँच आख्या दिनांक 29 नवम्बर 2022 के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में सामानों की खरीद फरोख्त एवं उसके भुगतान में कुछ चुनिन्दा फर्मों पर जिम्मेदारों द्वारा अतिकृपा दिखाकर वित्तीय अनियमितता किए जाने की पुष्टि हुई है। जिन सामानों की आपूर्ति/ भुगतान मॉह जनवरी/ फरवरी 2022 में किया जाना था उसका आपूर्ति/ भुगतान सत्र समापन के मौके पर माह मार्च 2022 में कुछ चुनिन्दा मात्र फर्मों से करके एक करोड़ पाँच लाख बत्तीय हजार चार सौ पाँच रुपये का भुगतान खण्ड – खण्ड में किया गया है जबकि आपूर्ति/ भुगतान एक ही बार में होना चाहिए था। प्रकरण में एसीएमओ डा० सीएल कन्नौजिया व डा० जय सिंह प्रभारी अधिकारी एस० एम० ओ० स्टोर तथा अजय मिश्रा चीफ फार्मासिस्ट सी॰एम॰एस॰डी॰ स्टोर की भूमिका संदिग्ध बताई गयी है तथा जॉच अधिकारी अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व ने प्रकरण की गम्भीरता एवं भारी अनियमितता भांपते हुए उच्च स्तरीय जाँच की सिफारिश किया है । यदि प्रकरण की उच्च स्तरीय जाँच हुई तो जिम्मेंदारों का गला फॅसना तय माना जा रहा है । स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो चर्चा यह भी है कि आपूर्ति/ भुगतान में कुछ चुनिन्दा फर्मों से दुरभि संधि करके सरकारी धन का केवल बंदरबाँट किया गया है सामानों की आपूर्ति केवल नाम मात्र ही हुई है।

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