डोंबिवली तेरापंथ युवक परिषद द्वारा गुरुशर्नम यात्रा का ४ चरण

डोंबिवली। असाडा से जसोल मे रास्ते की 30 किमी की सेवा में 47 श्रावक श्रविकाओ ने लाभ लिया। सभी ने स्थानीय भवन में साध्वी श्री शासन श्री जिनरेखाजी से मंगलपाठ सुन यात्रा की मंगल शुरूवात की ।अथित्य प्रायोजक के रूप में स्व. श्रीमती मोहनीदेवी भेरुलालजी श्रीमती रेखाजी जगदीशजी परमार रहे।
यात्रा के प्रथम दिन असाड़ा सुबह गुरुदेव के दर्शन किए और मंगल पाठ सुन वहाँसे नाकोड़ा धाम के दर्शन किए । दूसरे दिन गुरुदेव ने महती कृपा कर 20 min की सेवा का विरल अवसर प्रदान किया। गुरुदेव ने अपने मंगल पाथेय में सभी को शनिवार सामयिक एवं तत्व ज्ञान की प्रेरणा दी। तेयूप निवर्तमान अध्यक्ष सुरेशजीबैद ने डोंबिवली की जानकारी दी। तेयूप अध्यक्ष ललितजी मेहता ने अब तक हुए कार्यों का विवरण रखा । सभी ने गीतिका के माध्यम से अपने भाव रखे। एक एतिहासिक अविस्मरणीय पल जिसमें गुरुदेव ने रास्ते में विहार के समय डोंबिवली को सेवा करवायी, गुरुदेव ने सभी युवाओ से अपना परिचय पूछा , मृदु मुनि ने भी डोंबिवली प्रवास ज़्यादा से ज़्यादा डोंबिवली को मिले उसका आग्रह गुरुदेव से किया और साथ ही श्रावकों द्वारा २०२३ मुंबई चातुर्मास के दौरान वर्धमान महोत्सव का निवेदन श्री चरणों में रखा। अध्यक्ष ललितजी मेहता एवं निवर्तमान अध्यक्ष सुरेशजी बैद ने श्री चरणों में मर्यादा महोत्सव या वर्धमान महोत्सव की माँग रखी।
विहार के पश्चात मुख्य मुनि, योगेश मुनि ,जितेंद्र मुनि दिनेश मुनि की सेवा का लाभ मिला जिसमे मुख्य मुनि ने वैरागी देने की प्रेरणा दी। साध्वीवर्याजी ने सभी को नशा मुक्ति का संकल्प करवाया। साध्वीप्रमुखा श्रीजी ने सभी को सामयिक का महत्व बताते हुए सप्ताह में एक सामयिक का संकल्प करवाया और सभी ने जागरूकता से संकल्प लिए और यात्रा के त्रितीय दिन रास्ते की सेवा कर मंगलपाठ सुन सभी मुंबई की और रवाना हुए। निखिल डाँगी चेतन मेहता राज बाफ़ना जितु धाकड़ ने संयोजक के रूप में अथक परिश्रम कर इस यात्रा को यादगार व सफल बनाया ।
निवर्तमान अध्यक्ष सुरेशजी बैद तेयुप मंत्री राहुल कोठारी व बालोतरा युवक परिषद के अध्यक्ष संदीपज़ी ओस्वाल कोषाध्यक्ष भरत धाकड़  सहमंत्री महावीर सिंघवी, अमन कोठारी, दिलीप बाफ़ना, सह मंत्री दीपक बाफ़ना का विशेष सहयोग रहा।
अभातेयूप कार्यकारिणी से विकासजी कोठारी मुंबईकन्या मंडल प्रभारी जूलीजी मेहता महिला मंडल संयोजिका किरणजी कोठारी,सह संयोजिका करिश्माजी कोठारी,किशोर मंडल संयोजक ऋषि गुनदेचा ,कन्यामंडल संयोजिका मेघना सिंघवी ,के साथ कुल ४७ श्रावक श्रविकाओ ने इस यात्रा का लाभ लिया। सभी ने अपने इस ऐतिहासिक यात्रा के अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि हर वर्ष गुरुशरनम यात्रा में आने के भाव रखे और कई संकल्पों के साथ आचार्य प्रवर के प्रेरणा पाथेय को अपने जीवन में उतरते हुए सभी ने २०२३ की अविस्मरणीय गुरुशरनम यात्रा को सफल बनाया।

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